लड़का एक पैदा करेंगे, कोठी 04 बनाएंगे,
फिर झाडू पौछा औऱ घर में काम वाली बाई रेहाना औऱ नफीसा को रखेंगे!
साइकिल, स्कूटर औऱ कार क़ी मरम्मत कल्लन औऱ मुश्ताक से करवायेंगे, बाल व दाढ़ी जुम्मन मियाँ से बनवाएंगे!
दूध रफीक औऱ शफीक से लेंगे, कपडे हुसैन और महबूब से सिलवाएंगे, नफीस के प्रेस में शादी का कार्ड छपवायेंगे, मेहंदी सहनवाज और शान मोहमद से लगाएंगे, आजाद का 50 हजार का बैंड बजवाएंगे, मुनव्वर की आतिशबाजी छुड़वाएंगे, बग्गी रईस की करेंगे,
टेंट रशीद का करेंगे, बस खालिद भाई की करेंगे, नाई फरीद को बुलाएंगे!
फिर अपनी लुगाइयों को,
आधे कपड़े पहना कर उनके बीच में सड़कों पर ठुमके लगवाएंगे!
फिर दारू पीकर 100,200, 500, 2000 हजार रू० के नोट बरसाएंगे,
Social Media पर जिहाद जिहाद चिल्लाएंगे, बढ़ती मुस्लिम आबादी का शोर मचाएंगे,
बन्द करो यह फालतू का रोना धोना,अगर हिंदुत्व की वास्तव में चिंता करते हो तो यह प्रतिज्ञा करो कि हिन्दू विरोधी को आज से कोई भी आर्थिक लाभ नहीं देंगे,
जब किसी मुस्लिम फकीर के पास न जमीन है न नौकरी फिर वह कैसे 14 बच्चे पाल रहा है क्योंकि तुम रोज उसकी झोली में 50 किलो आटा भर देते हो, इस आटे को खाकर ही वह 14 बच्चे बनाता है व रोज गाय का मांस लाता है
मुस्लिम आबादी का 05% प्रतिशत भाग फकीरों का है यानि देश में एक करोड़ जिहादियों की आबादी हमारे दिए आटे से पल व बढ़ रही है।
कल से इन जिहादियों को केवल भीख देनी ही बन्द करके देख लो न आबादी बढ़ा पाएंगे न जिहाद चला पाएंगे
देश की दुर्दशा का प्रमुख घटक खुद हिंदू है
मकान बनाओगे कलीम से
प्लंबर होगा अनीश
इलेक्ट्रीशियन होगा फारुख
कारपेंटर होगा सलीम
अगर ऐसे ही इन जिहादियों को रोजगार देते रहोगे तो कुछ वर्षों के बाद सिवाय हाथ मलने के अलावा कुछ नहीं बचेगा
जागो हिन्दू जागो
अभी नहीं तो फिर कभी नहीं
लंदन के बस चालक का जवाब सुनिए... रोचक लेकिन सच्ची घटना
एक अरब मुस्लिम लन्दन में एक बस में चढ़ा और उसने बस चालक से अनुरोध किया कि "बस में बज रहे पाश्चात्य संगीत (Western Music) को तत्काल बन्द कर दे।"
बस चालक ने इसका कारण पूछा तो अरब मुस्लिम ने कहा कि "इस्लाम की शिक्षा के अनुसार संगीत सुनना हराम है क्यूँ कि प्यारे नबी के समय संगीत नहीं था और विशेष रूप से पाश्चात्य संगीत।"
बस चालक ने विनम्रतापूर्वक रेडियो बन्द कर दिया!
बस का दरवाज़ा खोला और अरब मुस्लिम को बस से नीचे उतर जाने का निवेदन किया!
अरब मुस्लिम ने इसका कारण पूछा
बस चालक ने विनम्रता से उत्तर दिया - "हे अरबी भाई! प्यारे नबी के समय कोई टेक्सी नहीं थी, कोई बस नहीं थी, कोई बम नहीं थे, हवाई जहाजों का अपहरण करने वाले नहीं थे, मस्जिद में शोरगुल मचाने वाले लाउडस्पीकर नहीं थे, कोई आत्मघाती हमले नहीं होते थे, आर डी एक्स नहीं था, AK 47 नहीं थी, सर्वत्र केवल शान्ति थी
इस्लामियत के नाम पर दोहरी चाल कहीं और जाकर चलाओ। चुपचाप नीचे उतर जाओ और गंतव्य तक पहुँचने के लिए ऊँट का इन्तजार करो
नानक से पहले कोई सिक्ख नहीं था!
जीसस से पहले कोई ईसाई नहीं था!
मुहम्मद से पहले कोई मुसलमान नहीं था!
ऋषभदेव से पहले कोई जैनी नहीं था!
बुद्घ से पहले कोई बौद्ध नहीं था!
कार्ल मार्क्स से पहले कोई वामपंथी नहीं था!
लेकिन :
कृष्ण से पहले राम
राम से पहले जमदग्नि
जमदग्नि से पहले अत्री
अत्री से पहले अगस्त्य
अगस्त्य से पहले पतंजलि
पतंजलि से पहले *कणाद
कणाद से पहले *याज्ञवल्क्य
याज्ञवलक्य से पहले...
सभी "सनातन वैदिक" धर्मी थे..!
"राजनीतिक शतरंज" की इन चालों को, ध्यान से समझें
01. मुगल," "भारतीय" बन गए और, "भारतीय" "काफ़िर"
02. मोमिन "कश्मीरी" बन गए
और, "कश्मीरी पंडित", "शरणार्थी"
03. "बांग्लादेशी"- "बंगाली" बन गये
और, "बंगाली", "बाहरी हिन्दू"
04. सैनिको के "हत्यारे" और "पत्थर बरसाने वाले "आंदोलनकारी" बन गए और,"सेना",
"मानवाधिकार उल्लंघनकारी"
05. "टुकड़े- टुकड़े गैंग", "देशभक्त" बन गया और, "देशभक्त", ब्रांडेड कट्टर अतिवादी
06. "चिता की लकड़ी", पर्यावरणीय चिंता" बन गई और, "दफनाने" में "बर्बाद होने वाली भूमि", "जन्मसिद्ध अधिकार" हो गई
07. "राखी" में इस्तेमाल किया गये "ऊन" से, "भेड़" को "चोट" पहुंची और "बकरीद" में "हजारों बकरियों" का "कत्ल", "धार्मिक स्वतंत्रता" बन गया
08 "तुष्टिकरण", "धर्मनिरपेक्ष" हो गया
जबकि, "समानता", "कम्यूनल" हो गई
9. "आरएसएस", "आतंकवादी" बन गया
और, "ओसामा जी"..., "हाफिज साहेब" और -"हुर्रियत", "शांति के शिखर"
10. “भारत माता की जय”, "सांप्रदायिक" हो गया" और, “भारत तेरे टुकडे होंगे,” "फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन हो गया"
ऐसे ही सोए रहे
तो - पता भी नही चलेगा?
कब "आतंकी" देश के "नागरिक" बन गए
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