संविधान क्या केवल भीम राव का था

हिंदुओं को टॉर्चर किया जा रहा है और यह #संविधान निर्माताओं का अपमान है जो कि इसके असली हकदार को भूला दिया गया 

#संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष 
डॉ राजेंद्र प्रसाद (श्रीवास्तव –कायस्थ)

#संविधान_सभा के अटॉर्नी जनरल 
BN RAW (#यदुवंशी – #अहीर)

#संविधान_सभा के अस्थाई अध्यक्ष 
डॉ– सच्चिदानंद सिन्हा (#यदुवंशी – गोप)

#संविधान सभा की कुल 22 समितियाँ थीं । जिनमें से 8 समितियाँ प्रमुख समितियाँ थीं और बाकी छोटी समितियाँ थीं। 

इन छोटी #समितियों में से एक समिति जिसे #प्रस्तावना कहा जाता है उसके अध्यक्ष थे भीम राव आंबेडकर वह भी 7 माननीय सांसद महोदय के साथ थे 

#संविधान_सभा में कुल 292 जन प्रतिनिधि चुने हुए थे यानी सांसद महोदय थे 
93 देशी स्वतंत्र राजा महाराजा और ब्रिटिश क्राउन वाले राजा महाराजा के साथ साथ 4 गवर्नर प्रेसीडेंसी रूल के सदस्य थे 
मतलब कुल सदस्यों की संख्या 389 

तो देश के लोगों तुमने अपने जाति पूर्वजों पुरखों को भुला दिया 
लेकिन भीम राव आंबेडकर के जाति वाले ने उनको नहीं भुलाया नतीजा सामने है 
आज भीम राव आंबेडकर के ऊपर टिप्पणी हो जाए 
या #जयभीम
न बोलो तो ये लुटेरे वर्ग खुलेआम #SCSTACT लगाते है और कोर्ट उनको एकमुश्त 1 लाख रुपए नकद रुपया देती हैं वह भी टैक्स पेयर/#IMF #वर्ल्ड बैंक से कर्ज लेकर 
इनकी भरपाई कौन करेगा???

उस पुलिस अधिकारी पर भी कार्यवाही होनी चाहिए जो कि हिन्दुओं को प्रताड़ित करने के लिए उन पर बिना किसी ठोस सबूत के  #SCSTACT #scstact लगा देता है 

#संविधान हम सभी का है किसी एक का नहीं है 
बहुत हुआ बर्दास्त अब और नहीं 

#जागो_हिंदुओं_जागो 
#संविधान_बचाओ

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