सदा युवा रहना (वृद्धावस्था को रोकना)
परिचय-
हम जानते हैं कि संसार में रहने वाले सभी मनुष्यों की मृत्यु जरूर होती है लेकिन फिर भी अपनी आयु या युवावस्था को अधिक समय तक बनाए रखने के लिए प्रयास किया जा सकता है। अंतिम सांस तक अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखना सभी को अच्छा लगता है। शरीर की चेतना का प्रवाह, जीवन का प्रवाह दाएं हाथ से बाहर निकलता है तथा उसे नियंत्रण में रखने वाला बिन्दु दाएं हाथ की कोहनी और कलाई के बीच एक इंच के वर्तुलाकार में स्थित है। इस वर्तुल पर प्रतिदिन केवल 2 तक मिनट दबाव देने से जीवनीशक्ति बढ़ने लगती है। एक्यूप्रेशर चिकित्सा के द्वारा दबाव देने से लाभ होता है। इस प्रकार दबाव देने से बहुत समय तक यौवन सुरक्षित रहता है और बुढ़ापा देर से होता है। इस प्रकार का उपचार 40 वर्ष की उम्र के बाद करना बहुत ही जरूरी है
बूढ़े व्यक्तियों के लिए भी इस तरह का उपचार बहुत लाभकारी रहता है। इससे उनकी जीवनशक्ति बढ़ जाती है तथा उन्हें थकान भी कम लगती है।
जीवनशक्ति को बढ़ाने के लिए अपने भोजन पर बहुत ही ध्यान देना चाहिए। अपने भोजन में हरे रस वाली सब्जियों, सलाद, फल, दही तथा फलों के रस को उचित मात्रा में उपयोग किया जा सकता है। व्यक्ति को ऐसे भोजन का उपयोग करना चाहिए जो आसानी से पच सके तथा जीवनीशक्ति को बढ़ा सकें। इस प्रकार से रोगी को अपना इलाज कराने से बहुत लाभ मिलता है तथा उसको अपने जीवन में नया आनन्द महसूस होता है। व्यक्ति को दुबारा से यौवन की नई ताजगी महसूस होती है तथा उसका आत्मविश्वास भी बढ़ जाता है।
Advertisment
No comments:
Post a Comment