ग्लूकोमा
परिचय-
ग्लूकोमा आंख से संबन्धित रोग है। इस रोग में रोगी की आंखों पर दबाव बना रहता है जो बाद में चक्षुतंत्रिका को खत्म कर देता है। इस रोग के कारण रोगी व्यक्ति अंधा भी हो सकता है।कारण-
आंखों के अन्दर पैदा होने वाले द्रव्यों और उनकी निकासी की प्रक्रिया के बीच एक संतुलन होता है। जब द्रव्यों के निकलने की रफ्तार उनके उत्पादन के मुकाबले धीमी पड़ जाती है तो यह संतुलन बिगड़ जाता है और रोगी की आंख के अन्दर दबाव बढ़ने लगता है।
लक्षण-
पुराने ग्लूकोमा के लक्षण आमतौर पर दिखते हैं। इसमें आंखों पर दबाव धीरे-धीरे बढ़ता रहता है जिससे रोगी की नजर कमजोर होने लगती है और अंत में रोगी को दिखाई देना बिल्कुल बंद हो जाता है।
तेज ग्लूकोमा रोग में आंखों पर दबाव बहुत तेजी से बढ़ता है और आंखों में दर्द व लालपन सा भी नजर आता है। रोगी की नजर कमजोर और धुंधली हो जाती है। ज्यादा गंभीर स्थिति में रोगी को जी मिचलाना, उल्टी, पेट दर्द और सिरदर्द की शिकायत भी हो सकती है।
चिकित्सा-
ग्लूकोमा रोग होने का खतरा 40 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों को होता है। इसलिए इस उम्र के बाद लगभग हर 2 साल में आंखों की जांच करवाते रहना चाहिए। जिन लोगों के घर में पहले कभी किसी को ग्लूकोमा का रोग हुआ है तो उनके संम्पर्क में रहने वाले लोगों को भी इसका खतरा ज्यादा रहता है।
चिकित्सा-
T seart printing call now 9097250723

No comments:
Post a Comment