तिल का गजक

तिल मावा गजक

मावा गज़क पट्टी आगरे की खास गज़कों में से एक है. कुरकुरी और हल्की सॉफ्ट, ठोड़े से इन्ग्रेडिएन्ट्स में बनने वाली मावा गज़क को बनाने में समय भी बहुत कम लगता है.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Mawa Gazak Recipe

मावा - 250 ग्राम
तिल - 1 कप (150 ग्राम)
चीनी पाउडर - 1.5 कप से कम (200 ग्राम)
इलायची पाउडर - ½ छोटी चम्मच
काजू - 4-5 (बारीक कटे हुये)

विधि - How to make Khoya Gajak Patti

गजक बनाने के लिए सबसे पहले तिल भून लीजिए: पैन को गरम कीजिए और तिल डालकर इन्हें लगातार चलाते हुए हल्का सा कलर बदलने तक और तिल के फूलने तक भून लीजिए. भूने हुए तिलों को प्लेट में निकाल लीजिए.

पैन में 1 चम्मच घी डालकर, मेल्ट कीजिये और मावा को क्रम्बल करके डाल दीजिए. मावा को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए हल्का सा कलर बदलने तक भून लीजिए. मावा भून जाने पर पाउडर चीनी डाल कर तब तक मिलाइए जब तक की मावा और चीनी अच्छे से मेल्ट होकर मिल न जायं, भूने हुए तिल डाल और इलायची पाउडर डाल कर मिला दीजिए. अब मिश्रण को लगातार चलाते हुए 1 -2 मिनिट तक धीमी आग पर पका लीजिये.

गैस बंद कर दीजिए और मिश्रण को थोडा़ सा ठंडा होने दीजिए.

किसी भी बोर्ड या किचन टाप पर प्लास्टिक शीट रख बिछा लीजिये और शीट को घी लगाकर चिकना कर लीजिए. अब हल्के ठंडे हुए मिश्रण को इस पर डालकर फैला दीजिए. हाथ पर थोड़ा सा घी लगाये, और मिश्रण को फैला कर एक जैसा कर दीजिये. थोडा़ सा घी बेलन पर भी लगाकर इसे हल्का दबाव देते हुए चोकोर आकार में हल्का पतला बेल लीजिए.

कटे हुये काजू को इसके ऊपर फैला दीजिए और बेलन से इन्हें दबा दीजिए. अब इसे अपनी पसंद अनुसार छोटे या बड़े जैसे टुकड़ों में चाहें काट लीजिए. गजक को सैट होने के लिए रख दीजिए.

गजक सैट होने के बाद, गजक के टुकड़े प्लास्टिक शीट से निकाल कर प्लेट में रखें, गजक खाने के लिये तैयार है. इसे 3-4 घंटे बाहर ही रहने दीजिये, गजक खुश्क हो जायेगी. अब आप गजक को कंटेनर में भर कर रख रख सकते हैं, तिल मावा की गजक बाहर रख कर 6-7 दिनों तक और फ्रिज में रख कर के 10 -12 दिनों तक खाने के लिए उपयोग में ला सकते हैं.

सुझाव

तिल को हल्का फूलने और हल्का सा कलर बदलने तक ही भूनें, तिल 4-5 मिनिट में भुन जाते हैं, तिल ज्यादा भुनने से स्वाद में कड़वे हो जाते हैं.

मावा को भी हल्का कलर बदलने और खुशबू आने तक भूनें

गजक अगर कभी हल्की सोफ्ट रह जाये तब गजक को सीट पर 10-12 घंटे के लिये सुखने के लिये छोड दीजिये, गजक खुश्क हो जायेगी, और गजक के अधिक सोफ्ट होने पर उसे फिर से कढ़ाई में डालकर, धीमी आग पर लगातार चलाते हुये मेल्ट करें, और 2 मिनिट पका लें और फिर बिलकुल पहले के तरीके से बेल कर काट कर तैयार करे, बहुत अच्छी गजक बनेगी.

550 ग्राम गजक
समय - 30 मिनिट


बेसन के लड्डू

मगद के लड्डू

आप बचपन से ही मां और दादी के हाथ का बना मगद या बेसन के लड्डू (Besan Ke Laddoo) तो खाते आ रहे होंगे! इनकी बात ही कुछ और होती है. बेसन के लड्डू (Besan Ke Ladoo) एसी मिठाई है जो घर में बनाकर एअर टाइट कन्टेनर रख दें तो 2 महिने तक खाई जा सकती है और इन्हैं बनाना भी आसान है, तो आइये बनाते हैं बेसन के लड्डू.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Besan ke Laddu

बेसन - 500 ग्राम (5 कप)
घी - 400 ग्राम (2 कप)
चीनी - 500 ग्राम (2 1/2 कप)
इलाइची -- 8-10
काजू - 50 ग्राम (1/4 कप) एक

विधि - How to make Besan ke Laddu

मोटा बेसन हो तो लड्डू ज्यादा स्वादिष्ट बनते हैं. बेसन को एक बर्तन में छान कर निकाल लीजिये.

कढ़ाई में घी डाल कर गरम कीजिये और घी में बेसन डाल कर कलछी से चला चलाकर बेसन भूनिये, जब बेसन का रंग ब्राउन होने लगे और बेसन से अच्छी सुगन्ध आने लगे तो उसमें एक टेबल स्पून पानी के छीटे लगा दीजिये, बेसन में झाग आयेगे और उसमें दाने बन जायेंगे, जो कि लड्डू का स्वाद बहुत अच्छा कर देंगे, इसके बाद झाग खतम होने तक बेसन भून लीजियेम, बेसन भुन कर तैयार है. आग बन्द कर दीजिये. भुने हुये बेसन को ठंडा करने के लिये खुला छोड़ कर हवा में रख दीजिये.

एक काजू के 6 - 7 टुकड़ों करते हुये सारे काजू काट लीजिये. इलाइची को छीलिये और दानों को बारीक पीस लीजिये. चीनी पीस कर डाली जा सकती है लेकिन पिसी चीनी से लड्डू उतने स्वादिष्ट नहीं बनते. आप चीनी को पिघला कर उसे भी दाने दार तगार बना देंगे और उस तगार को बेसन में मिलायें तो लड्डू अधिक स्वादिष्ट बनेंगे. बाजार से भी यह चीनी लाई जा सकती है जो तगार और बूरा के नाम से मिलती है.

बेसन हल्का गरम हो गया है, उसमें तगार, इलाइची और काजू के टुकड़े डाल कर अच्छी तरह मिला कर गोल गोल लड्डू बना लीजिये. ( लड्डू आप अपने मन के साइज के बना सकते हैं ).

बेसन के लड्डू (Besan ke Laddu ) तैयार है. आप उन्हैं अभी खाइये और 2 महिने भर तक कभी भी खाइये.

समय-- 50 मिनिट

लड्डू के लिये तगार कैसे बनायें?

तगार (Tagar) एक खास तरह का बूरा होता है जो चीनी से बनाया जाता है. लड्डू में डालने के लिये हम यही तगार प्रयोग में लाते हैं. तगार से बने लड्डू अधिक स्वादिष्ट बनते हैं. आइये देखे कि यह तगार कैसे बनाई जाती है.

आवश्यक सामग्री

* चीनी - 1 किग्रा (5 कप)
* पानी -- 350 ग्राम(1 3/4 कप)
* दूध - 1टेबल स्पून
* घी -1 छोटी चम्मच

विधि

कढ़ाई में चीनी और पानी मिला कर गैस पर गरम करने रख दीजिये. इस घोल को आप चमचे से प्रत्येक 2-3 मिनिट में चलाते रहें, जब घोल में उबाल आ जाय तो इसमें दूध डाल दीजिये. इस घोल के ऊपर कुछ गन्दे से झाग दिखाई देने लगेंगे, इन झागों को आप चमचे से निकाल दीजिये, चीनी की गन्दगी साफ हो जाती है. चीनी के घोल को 6-7 मिनिट तक पकाइये. यह काफी गाढ़ा और पारदर्शक घोल बन जाता है. चमचे से घोल की 1 बूद प्लेट में डालिये और यह बूद थोड़ी ही देर में जमने लग जाती है, कढ़ाई के ऊपरी किनारों पर चीनी कुछ जमी सी दिखाई देने लग जाती है.

कढ़ाई को गैस से उतार लिजिये इस घोल में एक छोटी स्पून घी मिला दीजिये. जिससे बूरे मे गांठें नहीं पड़ेगी, अब इस घोल को चमचे से चलाते हुये ठंडा कीजिये. ठंडा होने पर यह रवे दार बूरे में बदल जायेगा. यही वह बूरा है जो हम लड्डू बनाने में इस्तेमाल करेंगे.

आप इसे बना कर भी रख सकते है. 2-3 महिनों तक यह बूरा प्रयोग में लाया जा सकता है.

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चूरमा का लड़डू

चूरमा के लड्डू

चूरमा के लड्डू (Churma Laddoo) राजस्थानी व्यंजन है़. बहूत ही स्वादिष्ट मिठाई है. घर में बनी हुई मिठाई का स्वाद तो आप सभी जानते हैं कितनी ज्यादा स्वादिष्ट होती है. फिर आज हम चूरमा के लड्डू बनाते हैं.

आवश्यक सामग्री

गेहू का आटा —400 ग्राम (4 कप)
सूजी — 100 ग्राम (1 कप)
देशी घी - 500 ग्राम (2 1/2 कप)
तगार(बूरा) — 700 ग्राम
मावा — 250 ग्राम (एक कप)
काजू —100 ग्राम (एक कप)
बादाम —50 ग्राम (आधा कप)
किशमिश —50 ग्राम (आधा कप)
इलाइची — 15- 20 छील कर पीस लीजिये

बनाने की विधि - How to make Choorma ke Laddoo

आटे और सूजी को एक बर्तन में निकाल लीजिये और आधा कप घी डाल कर अच्छी तरह मिला लीजिये. दूध की सहायता से सख्त आटा गूथ लीजिये, गुथे आटे को घंटे भर के लिये ढककर रख दीजिये.

कढ़ाई में घी डाल कर गरम कीजिये, आधा कप घी अपने पास बचा लीजिये, गुथे हुये आटे से उगलियों की सहायता से एक रोटी के बराबर लोई निकालें और हाथ से गोल करें और दोनों हथेलियों के बीच में रखें और दबाकर चपटा करें, इस चपटी लोई को तलने के लिये घी में डाल दीजिये. 3-4 लोइयाँ घी में एक साथ डाल कर धीमी आग पर तलें जब ये ब्राउन हो जाय तब प्लेट में निकाल कर रखें, इसी तरह सारी लोइयाँ तल ले़ और ठंडा होने दीजिये.

इन लोइयों के तोड़ कर टुकड़े करके मिक्सर या फूड प्रोसेसर में डालकर बारीक कर लें, यदि चूरमा में मोटे टुकड़े हों तो पिसे हुये चूरमे को लनी में छान लें और ज्यादा मोटे टुकड़ो को दुबारा पीस कर लीजिये.

अब बचा हुआ घी और जो घी आपके पास है सारा कढ़ाई में डाल दें और उस घी में आपके द्वारा बनाया हुआ चुरमा डाल कर धीमी आग पर भूनें. जब इसका कलर हल्का ब्राउन हो जाय और घी सुगन्ध आने लगे तब गैस से हटा दीजिये और अब इसमें मावा भून कर मिला दीजिये. इसके बाद बूरा और काजू, किशमिश, बादाम और इलाइची अच्छी तरह मिला लिजिये. लड्डू बनाने का मिश्रण तैयार है.

अब इस मिश्रण से एक मुठ्ठी भर कर निकालिये और दोंनों हाथों से दबा कर उसे गोल आकार दीजिये. तैयार लड्डू को प्लेट में रखते जाइये. बहुत ही सुन्दर लड्डू बनकर तैयार हो गये. ताजा ताजा चूरमा लड्डू अपने परिवार के साथ बैठकर खाइये.

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सूजी का लड्डू

सूजी मावा के लड्डू

दीपावली के लिये आप क्या मिठाईयां बनाने जा रहे हैं? इस दीपावली के लिये व्यंजनों की श्रंखला में सूजी मावा के लड्डू प्रस्तुत है. आप इन्हैं बनायें और 15 - 20 दिन तक कभी भी खाइये

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Sooji-Khoya Ladoo

सूजी ( रवा ) - 500 ग्राम (2 1/2 कप)
मावा - 500 ग्राम (2 कप )
घी - 400 ग्राम (2 कप)
बूरा ( तगार ) - 500 - 700 ग्राम (2 1/2 - 3 1/2 कप)
काजू - आधा कप
इलाइची - 10 - 12 ( छील कर पीस लें )

विधि - How to make Sooji-Khoya Ladoo

सूजी को एक बर्तन में निकाल कर छान लीजिये.

कढ़ाई में घी डाल कर गरम कीजिये, सूजी को घी में डाल कर, धीमी आग पर, ब्राउन होने तक भूनिये. भूनी हुई सूजी को निकाल कर एक बर्तन में निकालिये और ठंडा होने दीजिये.

मावा को कढ़ाई में डालिये और धीमी आग पर हल्का ब्राउन होने तक भून लीजिये. मावा को हम ब्राउन भूनते हैं, लड्डू ज्यादा स्वादिष्ट बनते हैं, और अधिक दिन तक रखे जा सकते हैं. मावा को थोड़ा ठंडा होने दीजिये.

काजू को काट कर एक काजू को 6-7 टुकड़े करते हुये काट लीजिये. लें.

सूजी और मावा में तगार, काजू और इलाइची सभी को अच्छी तरह मिलाइये.

अब आप अपने मन से जो साइज पसन्द करें, लड्डू बना लीजिये.

आपने सूजी मावा के लड्डू तैयार कर लिये हैं. अब आप उन्है अभी खाइये और बचे हुये लड्डू एअर टाइट कन्टेनर में भरकर रख दीजिये, 15-20 दिन तक कभी भी लड्डू कन्टेनर से निकालिये और खाइये.

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बंगाली मुरमुरा लड्डू

मुरमुरा लड्डू

मुरमुरा लड्डू के लड्डू बिना घी तेल से बने हुये लड्डू हैं और बहुत ही स्वादिष्ट होते हैं, बच्चों को ये लड्डू बहुत ज्यादा पसन्द आते हैं,. ये बहुत कम समय में आसानी से बनाये जा सकते हैं.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Murmura Laddu

लाई - 3 कप (80 ग्राम)
गुड़ - बारीक टूटा हुआ 1 कप ( 260 ग्राम)
घी - 1 छोटी चम्मच

विधि: How to make Murmura Laddu

लाई को कढ़ाई में डालकर मीडियम आग पर 2-3 मिनिट भून लीजिये और अलग प्याले में निकाल लीजिये, लाई क्रिस्प हो जायेगी.

कढ़ाई में घी डालकर गरम कीजिये, गैस मीडियम और धीमी रखिये, घी मेल्ट होने के बाद गुड़ डालिये और गुड़ को चलाते रहें जब तक कि गुड़ पूरी तरह से मेल्ट न हो जाय.

गुड़ मेल्ट होने पर गैस एकदम धीमी कर दीजिये और लाई को गुड़ के ऊपर डालिये और अच्छी तरह से गुड़ और लाई को मिला लीजिये. गैस बन्द कर दीजिये और कढ़ाई को गैस से उतार लीजिये.

एक प्याली में थोड़ा पानी ले लीजिये. मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दीजिये, हाथ पर थोड़ा सा पानी लगाकर हाथ को गीला कर लीजिये, थोड़ा सा मिश्रण हाथ में उठा लीजिये और दोंनो हाथों से थोड़ा दबाव देते हुये गोल लड्डू बना लीजिये, बने लड्डू को प्लेट में रख दीजिये और सारे लड्डू इसी तरह बना कर तैयार कर लीजिये.

लाई के लड्डू बनकर तैयार हैं, बहुत अच्छे लड्डू बने हैं, लड्डू को 3-4 घंटे के के लिये खुले हवा में छोड़ दीजिये, लड्डू खुश्क हो जायेंगे, अब लड्डू को कन्टेनर में भर कर रख लीजिये और 2-3 महिने तक खाते रहिये.

सुझाव:

लाई के लड्डू के लिये गुड़ नरम और अच्छी वैराइटी का लीजिये. गुड़ और लाई का अनुपात सही रखें.

गुड़ और लाई के मिश्रण को ज्यादा ठंडा न होने दें, हल्का गरम गरम में लड्डू बनाकर तैयार कर लीजिये.

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सोंठ के लड़डू

सोंठ के लड्डू

सोंठ के लड्डू (Sonth ke Laddu) पारम्परिक लड्डू हैं जो जच्चा को डिलीवरी के बाद खिलाये जाये हैं. इसके अलावा सोंठ के लड्डू (Dry Ginger Laddu) सर्दी के मौसम में व कमर दर्द से आराम पाने के लिये भी खाये जाते हैं.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Saunth ke laddoo

सोंठ (Ginger powder) - 1/3 कप ( 25 ग्राम)
गुड़ - 1. 25 कप ( 250 ग्राम)
सूखा पका नारियल - 1 कप कद्दूकस किया हुआ (50 ग्राम)
गेहूं का आटा- 3/4 कप ( 100 ग्राम)
देशी घी - 1/2 कप ( 125 ग्राम)
बादाम - 1/4 कप ( 35 ग्राम)
गोंद - 1/4 कप ( 50 ग्राम)
पिस्ते - 10-12

विधि - How to make Sonth ke laddu ?

गोंद को छोटे टुकड़े तोड़ कर तैयार कर लीजिये. बादाम मिक्सर में डालकर पीस लीजिये. पिस्ते को पतला पतला काट लीजिये.

कढ़ाई में घी डालकर गरम कीजिये, थोड़ा घी बचा लीजिये, घी को मीडियम गरम कीजिये और गोंद को धींमी गैस पर भून लीजिये, गोंद फूल कर चार गुने आकार में हो जाता है, भुने गोंद को अलग प्लेट में निकाल लीजिये. बचे हुये घी में आटा डालिये और लगातार चलाते हुये मीडियम और धीमी आग पर ब्राउन होने तक भून लीजिये. भुने आटे को अलग प्लेट में निकाल कर रख लीजिये.

कढ़ाई में 2 चम्मच घी डालिये और पिघलने दीजिये, सोंठ को घी में डालिये और धीमी आग पर हल्का सा 1- 1.5 मिनिट तक भून लीजिये, भुनी सोंठ को भुने आटे वाली प्लेट में ही निकाल लीजिये. भुना गोंद ठंडा होने पर उसे प्लेट में ही बेलन की सहायता से पीस लीजिये.

कढ़ाई में बारीक तोड़ा हुआ गुड़ डालिये और धीमी आग पर गुड़ को पिघलने दीजिये. गुड़ पिघलने पर गैस बन्द कर दीजिये, पिघले गुड़ में आटा, सोंठ,गोंद, बादाम पाउडर, नारियल और पिस्ते डालकर सारी चीजें को अच्छी तरह मिलने तक मिला दीजिये, अब कढ़ाई को गैस से उतार लीजिये, हल्के गरम में ही मिश्रण से लड्डू बांध लीजिये.

थोड़ा सा मिश्रण हाथ में उठाइये, और दबा दबा कर गोल लड्डू बना लीजिये, सोंठ के लड्डू हैं इन्हैं थोड़े छोटे ही बनाइये, सारे मिश्रण से इसी तरह लड्डू बना कर तैयार कर लीजिये, इतने मिश्रण से 18 लड्डू बनकर तैयार हो जायेंगे. लड्डू को 2-3 घंटे तक खुले हवा में छोड़ दीजिये, लड्डू खुश्क हो जायेगे, लड्डू को कन्टेनर में भर कर रख लीजिये, और 2-3 महिने तक खाते रहिये.

सुझाव:

सोंठ के लड्डू मावा डालकर बनाये जाते हैं, लेकिन मावा मिलाकर बनाये गये लड्डू की शैल्फ लाइफ कम होती है.

गुड़ की जगह पिसी चीनी, तगार या बूरा डालकर भी बना सकते हैं, मीठा अपने पसन्द के अनुसार कम ज्यादा कर सकते हैं.

लड्डू में मेवा अपनी पसन्द के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं, जो मेवा आप पसन्द करते हैं वह ले सकते हैं, जो मेवा पसन्द न हो उसे हटा सकते हैं.


सत्तू के आटे का लड़डू

सत्तू के लड्डू

सत्तू से हम पेय, परांठे, कचौरी तो बनाते ही हैं लेकिन सत्तू से स्वादिष्ट लड्डू भी बहुत आसानी से और बहुत जल्दी बनकर तैयार हो जाते हैं. किसी त्यौहार पर यदि आपको तुरत फुरत मिठाई बनानी हो तो सत्तू के लड्डू बना लीजिये. सभी को बहुत पसंद आयेगे.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Sattu ke laddu

सत्तू - 2 कप (250 ग्राम)
बूरा या चीनी पाउडर- 1.5 कप (200 - 250 ग्राम)
घी - 1 कप (200 ग्राम)
छोटी इलायची - 7-8
पिस्ते - 10-12
काजू - 20-25
बादाम - 20-25

विधि - How to make Sattu ke laddu

कढा़ई में घी डालकर पिघला लीजिए, घी पिघलने के बाद सत्तू डालकर अच्छी तरह मिक्स करते हुए, लगातार चलाते हुये, मीडियम और धीमी आग पर हल्का सा भून लीजिए. सत्तू 5-6 मिनिट में अच्छी महक के साथ भुन कर तैयार हो जाता है, गैस बंद कर दीजिए और मिश्रण को अलग प्याले में निकाल लीजिए, ताकि ये जल्दी से ठंडा हो जाय., अगर भुने हुये सत्तू को बहुत जल्दी ठंडा करना हो तो इसे फ्रिज में रखकर ठंडा किया जा सकता है.

काजू, पिस्ते और बादाम को छोटे-छोटे टुकडों में काट कर तैयार कर लीजिए. इलायची को छील कर पाउडर बना लीजिए.

सत्तू के ठंडा होने पर इसमें बूरा, कटे हुए काजू, बादाम, पिस्ते(थोडे़ से पिस्ते बचा कर रख लें) और इलायची पाउडर डाल दीजिए और सभी चिजों को अच्छी तरह मिलाकर मिक्स करके तैयार कर लीजिए. लड्डू बनाने के लिये मिश्रण तैयार है.

मिश्रण को थोड़ा-थोड़ा हाथ में लीजिये और दबा दबा कर अपने मन पसन्द आकार के लड्डू बना कर थाली में रखिये. सारे मिश्रण से लड्डू बना कर थाली में रख लीजिये. सभी लड्डूओं पर पिस्ते के टुकडे़ सजाएं.

बहुत ही अच्छे और स्वादिष्ट सत्तू के लड्डू बनकर तैयार, परोसिये और खाइये. बचे हुये लड्डू कन्टेनर में भर कर रख लीजिये और 2 महिने तक खाते रहिये.

सुझाव :

गरम सत्तू में बूरा नहीं मिलाएं क्योंकि ऎसा करने से मिश्रण बहुत पतला हो जाता है और लड्डू बनाना बांधना मुश्किल हो जाता है.


गेंहू के आटे का लड़डू

गेहूं के आटे के लड्डू

आटे के लड्डू बड़ी आसानी से बनाये जाने वाले लड्डू हैं. खासकर सर्दियों में तो इन्हें खाना बहुत ही अच्छा लगता है.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Wheat flour Ladoos

गेहूं का आटा - 2 कप
तगार या बूरा - 1. 25 कप
घी - 3/4 कप
काजू - 8-10
छोटी इलाइची - 4

विधि - How to make Wheat Flour Laddu

कढ़ाई में 2/3 घी डालकर पिघला लीजिये और पिघला हुये घी में आटा डालिये और लगातार चलाते हुये मीडियम आग पर आटे को हल्का ब्राउन होने तक और अच्छी महक आने तक भून लीजिये.

भुने आटे को कढ़ाई से थाली में निकाल लीजिये ताकि आटा जल्दी से ठंडा हो जाय.

इलाइची को छील कर पाउडर बना लीजिये. काजू को छोटा छोटा काट लीजिये.

आटा हल्का गरम रह जाय, आटे में तगार डाल कर अच्छी तरह मिला लीजिये, काजू और इलाइची पाउडर भी डालकर मिला दीजिये.

मिश्रण से थोड़ा थोड़ा मिशण हाथ से उठाइये और दोंनो हाथों से दबा दबा कर गोल लड्डू बना कर तैयार कीजिये, बने लड्डू प्लेट में रखते जाइये. सारे लड्डू इसी तरह बनाकर तैयार कर लीजिये.

गेहूं के आटे के लड्डू तैयार है, लड्डू को एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये और महिने भर तक खाते रहिये.

सुझाव:

अगर लड्डू बांधने में सूखे लग रहे हों तो थोड़ा और घी पिघला कर डालकर मिलाया जा सकता है.


तिल और आटे का लड़डू

तिल और आटे के लड्डू

तिल के व्यंजन सर्दी के मौसम में बनाकर खाये जाते हैं. तासीर में गर्म तिल और गेहूं के आटे से बने लड्डू बहुत ही स्वादिष्ट होते हैं. बड़ी आसानी से और बहुत जल्द बन जाते है.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for esame seeds Wheat Flour Laddu

तिल - 1 कप (150 ग्राम)
गेहूं का आटा - 1 कप (125 ग्राम)
खाड़ - 1 कप (200 ग्राम)
काजू - 10-12
देशी घी - आधा कप (125 ग्राम)
पिस्ते - 6-7

विधि - How to make Sesame seeds Wheat Flour Laddu Recipe

काजू को छोटा छोटा काट लीजिये. पिस्ते भी छोटा छोटा पतले पतले काट लीजिये.

मोटे तले की कढ़ाई गरम कीजिये और तिल कढ़ाई में डालकर हल्का कलर चेन्ज होने तक और तिल के फूलने तक लगातार कलछी से चलाते हुये भून लीजिये. भुने तिल को अलग प्लेट में निकाल लीजिये.

कढ़ाई में घी डाल दीजिये, 2 -3 छोटी चम्मच घी प्याली में बचाकर रख लीजिये, घी को पिघलने दीजिये, पिघले घी में आटे को डालकर लगातार आटे को कलछी से चलाते हुये, मीडियम और धींमी आग पर हल्का ब्राउन होने और अच्छी महक आने तक भून लीजिये. भुने आटे को किसी बड़े प्याले में निकाल लीजिये.

तिल को 1/4 कप साबुत बचाकर रख लीजिये और बचे हुये सारे तिल मिक्सर से दरदरा पीस लीजिये. पिसे तिल भी आटे के ऊपर डाल दीजिये, साबुत तिल भी इसी में डाल दीजिये, कटे हुये काजू और पिस्ते भी डाल दीजिये, खाड़ भी डाल दीजिये, सारी चीजों को अच्छी तरह मिला दीजिये. बचा हुआ घी मेल्ट करके मिला दीजिये. लड्डू के लिये मिश्रण तैयार है.

मिश्रण से थोड़ा मिश्रण उठाइये और दोंनो हाथो की सहायता से गोल लड्डू बनाकर तैयार कर लीजिये, तैयार लड्डू को प्लेट में रखिये और सारे लड्डू इसी तरह बनाकर तैयार कर लीजिये.

तिल आटे के लड्डू बन कर तैयार हैं, बहुत ही अच्छे लड्डू बने हैं, लड्डू को 1-2 घंटे प्लेट में ही खुले रहने दीजिये, लड्डू खुस्क हो जायेंगे , लड्डू को भर कर कन्टेनर में रख लीजिये और 2-3 महिने तक जब भी मन हो खाते रहिये.

सुझाव:

तिल भूनते समय तिल को मीडियम आग पर हल्का सा कलर बदलने तक ही भूनिये, तिल थोड़े भी ज्यादा भुन जाय तो वे कड़वे हो जाते हैं. आटे को भी मीडियम आग पर भूनिये आटा अच्छा भुनता है.

तिल आटे के लड्डू गुड़ डालकर बनाये जा सकते हैं, गुड़ की खाड़ डाली जा सकती है, और बूरा या पिसी चीनी डालकर लड्डू बनाये जा सकते हैं.


भारतीय संस्कृति- ब्रह्मचर्य

ब्रह्मचर्य विज्ञानं क्या है?
ब्रह्मचर्य के दो अर्थ होते हैं। जो ज़्यादातर लोग जानते हैं वो ये होता है कि संभोग(सेक्स) नहीं करना और ये बड़ी तुच्छ बात है। तुमने तो ब्रह्म को बिल्कुल लंगोटे से बांध दिया है। ब्रह्म को क्या पड़ी है कि तुम सेक्स कर रहे हो या नहीं।

ब्रह्म का वास्तविक अर्थ है, ब्रह्म में आचरण करना। और ब्रह्म माने बंटा-बंटा नहीं रहना, पूरा रहना। ब्रह्म का मतलब है, जो कुछ हो सकते हो, पूरे तरीके से हो जाओ, छोटे नहीं रह जाओ। ‘ब्रह्म’ शब्द आया है ‘वृहद’ से, ‘वृहद’ माने विस्तार, बड़ा होना।

अहंकार तुम्हें छोटा बनाता है, सीमित बनाता है।ब्रह्मचर्य का अर्थ है बड़ा, ब्रह्मचर्य का अर्थ है मन छोटा नहीं है, संकुचित नहीं है, बंटा हुआ नहीं है। मन बहुत बड़ा है, सब समाया हुआ है उसमें। मैंने भी अपने आप को छोटा सा नहीं बना रखा है कि मेरी तो पहचान बस इतनी है कि मैं इसका बेटा हूँ, मैं इस जगह पढ़ता हूँ, मैं इस जगह रहता हूँ, यही हूँ मैं बस। मैं बड़ा हूँ और यही है ब्रह्मचर्य का अर्थ। ब्रह्मचर्य समझ लो अहंकार से विपरीत है।

ब्रह्मचर्य समझ लो अहंकार से मुक्ति है। आज़ादी ही ब्रह्मचर्य है। अतीत और भविष्य से मुक्ति ब्रह्मचर्य है, दूसरों के प्रभावों से मुक्ति ब्रह्मचर्य है।


सनातन

फव्वारे, मकबरे और बिरियानी की हकीकत!! "ऊंट को काटकर उसमें गाय भरो, गाय में बकरा भरो, बकरे में मुर्गा भरो और मुर्गे में अंडे भरो! फिर इस...