अफगानिस्तान
गंधार और कंबोज के कुछ हिस्सों को मिलाकर अफगानिस्तान बना। उक्त संपूर्ण क्षेत्र में हिन्दूशाही और पारसी राजवंशों का शासन रहा। बाद में यहां बौद्ध धर्म का विस्तार हुआ और यहां के राजा बौद्ध हो गए। सिकंदर के आक्रमण के समय यहां पर फारसी और यूनानियों का शासन हो चला।
7वीं सदी के बाद यहां पर अरब और तुर्क के मुसलमानों ने आक्रमण करना शुरू किए और
870 ई. में अरब सेनापति याकूब एलेस ने अफगानिस्तान को अपने अधिकार में कर लिया था। हालांकि इसके खिलाफ लड़ाई चलती रही। बाद में
यह दिल्ली के मुस्लिम शासकों के कब्जे में रहा और फिर ब्रिटिश इंडिया के अंतर्गत आ गया।
1834 में एक प्रकिया के तहत 26 मई 1876 को रूसी व ब्रिटिश शासकों (भारत) के बीच गंडामक संधि के रूप में निर्णय हुआ और अफगानिस्तान नाम से एक बफर स्टेट अर्थात राजनीतिक देश को दोनों ताकतों के बीच स्थापित किया गया।
इससे अफगानिस्तान अर्थात पठान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से अलग हो गए।
18 अगस्त 1919 को अफगानिस्तान को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली।
और भारत का एक टुकड़ा और हो गया
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