गर्मी में बेहाल, पसीने की बदबू से छुटकारा


गुलाब का तेल - 20 बूंद
जोजोबा तेल - 5 बूंद
ये तेल 50 मि.ली. नारियल अथवा तिल के तेल में मिलायें और इस तेल से पूरे बदन की विशेष कर कांख (बगल) की इस तेल से मालिख करें। पसीने या शरीर की दुर्गन्ध से छुटकारा मिल जायेगा। ग्रीष्म ऋतु में तो इस तेल की मालिश शरीर को आराम तथा राहत भी प्रदान करती है।

एरोमाथेरेपी निश्चयत ही सौंदर्य श्रृंगार एवं सेहत तीनों पर ही अनुकूल प्रभाव छोड़ती है। शरीर तत्काल राहत एवं स्वयं को चुस्त महसूस करने लगता है।

हमेशा जवान दिखने के लिए थेरेपी

जवाँ दिखने के लिए इन्हें आजमाएँ



सौंदर्य विज्ञान के क्षेत्र में बहुत उन्नति हुई है। अपनी त्वचा के अनुरूप सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग करें। किसी सौंदर्य विशेषज्ञा से सलाह लेकर इनका उपयोग करें।

* आजकल पार्लर में मैच्योर स्किन के कई तरह के उपचार होते हैं। जैसे आयोनाइजेशन, डर्मापील, वेजिटेबल पील, केमिकल्स पील, फेस लिफ्ट (नॉन सर्जिकल), थर्मोहर्ब, वैक्स बाथ, ऑक्सीजन बाथ, फेशियल, आहा फेशियल, एरोमा फेशियल, स्किन पॉलिशिंग आदि कई उपचार हैं, जो हर त्वचा की जरूरत के हिसाब से किए जाते हैं।

मुहासों के लिए थेरैपी

मुँहासों के लिए ऐरोमा फेस मास्क



जब बात तैलीय त्वचा या मुँहासे की आती है, तब यह भ्रम पैदा हो जाता है कि एरोमा थेरेपी में ऑयल होते हैं और ऑयल से तैलीय त्वचा और तैलीय होकर मुँहासे की समस्या को और बढ़ावा देगी, पर यह सोच सर्वथा गलत है।

एरोमा ऑयल चिपचिपाहटरहित, एण्टीसेप्टिक व एण्टीबैक्टीरियल होते हैं। अतः ये तेलीय त्वचा के लिए बहुत लाभदायक हैं।

* एक चाय का चम्मच केयोलिन पाउडर, एक चाय का चम्मच आयुर्वेदिक पिंपल फेस पैक, एक-एक बूँद कैमोमिला, लेवेंडर, जूनियर पाचोली, लाइम एरोमा को एक साथ मिला लें व इस एसेन्शियल ऑयल की एक बूँद फेस मास्क में मिलाएँ।

* अब इसे ऐलोवेरा जेल के साथ मिलाकर चेहरे पर बीस मिनट लगाकर रखें व रोज दिन में दो बार उपरोक्त ऑयल की एक बूँद, एक चम्मच एलोवेरा तेल के साथ मिलाकर लगाएँ।

अरोमा थेरेपी

क्या है एरोमा थेरेपी



आजकल एरोमा थेरेपी के रूप में सौंदर्य निखारने का पुराना ट्रेंड नए कलेवर में हमारे सामने आ रहा है। एरोमा का अर्थ है खुशबू और थेरेपी यानी उपचार अर्थात खुशबू द्वारा उपचार।

* यह खुशबू प्राप्त करने के साधन हैं हमारा मस्तिष्क, हमारे स्नायुतंत्र, जिसमें पहचान पहले से व्याप्त रहती है और खुशबू वाली वस्तुएँ हैं- पेड़-पौधे, पत्तियाँ, जड़, तना, फल-फूल, सब्जियाँ, मसाले आदि।

* डिस्टीलेशन मेथड द्वारा फल, फूलों का अर्क निकाला जाता है, इसी अर्क को 'एसेन्शियल ऑयल' कहते हैं और हर अर्क की अपनी अलग खुशबू, पहचान होती है। इन्हीं अर्क से दिए जाने वाले उपचार को कहते हैं एरोमा थेरेपी।

* इसका उपचार देने से पहले आपको एरोमा ऑयल या एसेन्शियल ऑयल से मसाज करने का सही तरीका पता होना चाहिए। यह तेल आसानी से त्वचा में समा जाते हैं और अपना कार्य आरंभ कर देते हैं।

* एरोमा थेरेपी में इस्तेमाल होने वाले मुख्य ऑयल में बेंजाइन, यूकेलिप्टस, जिरेनियम, लेवेंडर, रोज, वर्गमोट आदि ऑयल प्रमुख है।

मावा की बर्फी

मावा या खोया की बर्फी

मावा से अनेको प्रकार के व्यंजन बनाये जाते हैं. मावा की बर्फी बहुत ही स्वादिष्ट होती है, और बड़ी आसानी से बनाई जा सकती है. आइये मावा की बर्फी बनायें.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Mawa Barfi

मावा - 250 ग्राम
घी - 1 टेबिल स्पून
चीनी - 150 ग्राम (चीनी स्वादानुसार थोड़ी कम ज्यादा की जा सकती है)
इलाइची - 4-5 (छील कर पीस लीजिये)यदि आप चाहें तो
बादाम - 6-7 (बारीक कतर लीजिये)
पिस्ते - 6-7 ( बारीक कतर लीजिये)

विधि - How to make Mawa Barfi

भारी तले की कढ़ाई में घी डाल कर मावा को धीमी गैस पर, हल्का गुलाबी होने तक भून कर, किसी प्याले में निकाल कर ठंडा होने के लिये रख दीजिये.

एक प्लेट या ट्रे को घी लगा कर चिकना करके रख लीजिये.

कढ़ाई में चीनी डालिये, चीनी की मात्रा का 1/3 पानी, चीनी में मिलाइये(चीनी 250 ग्राम तब पानी की मात्रा लगभग 80 ग्राम हो). इस तरह की चाशनी बनाइये कि चाशनी प्लेट में डालते ही तुरन्त जमने लगे.(अगुली अंगूठे के बीच चिपका कर देख लीजिये, वह बहुत ही गाड़ी और तुरन्त जमने लगेगी). चाशनी बनने के बाद गैस बन्द कर दीजिये.

चाशनी को चमचे से चलाते हुये ठंडा कीजिये और जब वह जमने पर आ जाय, तब मावा लेकर चाशनी में डालें और अच्छी तरह चमचे से चलाते हुये मिलाइये, इलाइची पाउडर भी मिला दीजिये.

मिश्रण को घी लगी हुई प्लेट में डालिये समान रूप से फैलाइये, ऊपर से कतरे हुये बादाम और पिस्ते डाल कर सजाइये.

बर्फी को जमने में करीब 20-24 घंटे लग जाते हैं. दूसरे दिन जमी हुई बर्फी को अपने मन पसन्द आकार में काट लीजिये.

बहुत ही स्वादिष्ट बर्फी बनी है, बर्फी को एअर टाइट कन्टेनर में रखकर फ्रिज में रखिये, और जब भी आपका मन करे बर्फी निकालिये और खाइये.


kale til,काला तिल और मावा की बर्फी

तिल मावा बर्फी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तिल को मावा के साथ मिलाकर बनाये जाने वाली तिल की बर्फी अधिक लोकप्रिय है. सर्दियां अभी जाने वाली हैं. इन सर्दियों के जाने से पहले ही बना डालते हैं आज तिल मावा बर्फी (Til Burfi,Til Burfee,Til Burfi Recipe).

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Til Burfee,Til Burfi

तिल - 250 ग्राम
मावा (खोया) - 250 ग्राम
चीनी - 300 ग्राम
काजू - 50 ग्राम

विधि - How to make Til Burfee,Til Burfi

तिल को साफ कर लीजिये, एक भारी तले की कढ़ाई में डाल कर, हल्का ब्राउन होने तक भून लीजिये. ठंडा कीजिये और मिक्सर में थोड़ा मोटा मोटा पीस लीजिये.

मावे को भी एक कढ़ाई में डालिये और अच्छी तरह भून लीजिये. निकाल कर प्लेट में रख लीजिये.

काजू को छोटा छोटा काट लीजिये.

चीनी को कढ़ाई में डालिये. चीनी की मात्रा का एक तिहाई पानी (चीनी 300 ग्राम तो पानी 100 ग्राम डालना है) डाल कर चीनी में मिला दीजिये. अब इसकी 3 तार की चाशनी बनाइये (कढ़ाई को तेज गैस पर रखिये 6-7 मिनिट में चाशनी बन जाती है). टैस्ट: चम्मच से चाशनी की एक बूद किसी प्लेट में गिरायें, ठंडी होने पर उंगली और अंगूठे के बीच चिपका कर देखे, वह गोद की तरह चिपकती है, और उंगली, को दूर करते समय कुछ तार जैसे बनते दिखाई देते हैं. आप देख सकते हैं कि आपकी चाशनी तैयार हो गयी है.

चाशनी में काजू, मावा और पिसे हुये तिल डाल कर अच्छी तरह मिला दीजिये.

एक थाली में थोड़ा सा घी लगाकर चिकना कीजिये. मिश्रण को थाली में डाल कर फैलाइये और ठंडा करने के लिये रख दीजिये. दो घंटे बाद मिश्रण जम गया है चाकू की सहायता से अपने मन पसन्द आकार के बर्फी के टुकड़े काट लीजिये.

आपकी तिल की स्वादिष्ट बर्फी तैयार है. तिल की बर्फी को एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रखिये. जब भी आपका मिठाई खाने का मन हो, तिल की बर्फी (Til Burfi,Til Burfee,Til Burfi) निकालिये और खाइये.


kaju, katli, काजू की बर्फी

नारियल की बर्फ़ी

नारियल की बर्फी

नारियल की बर्फी (Coconut Barfi) अनेकों प्रकार से बनाई जाती है.ये बर्फी बहुत ही स्वादिष्ट होती है. किसी भी त्यौहार पर आप इस मिठाई को बना कर घर की मिठाई का आनन्द ले सकते हैं और इसे 15 दिन तक फ्रिज में रख कर आप खा सकते हैं.

प्रस्तुत है नारियल की बर्फी (Nariyal Barfi) बनाने की विधि. आप इसे बनाइये और बताइये कि कैसी है. बनाने में लगने वाला समय 45 मिनिट

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Nariyal Ki Barfi

पका हुये नारियल का चूरा - 100 ग्राम
मावा-200 ग्राम (एक कप)
पाउडर चीनी -200 ग्राम (एक कप)
इलाइची - 5-6 (छील कर पीस लें)
पिस्ते-15-20 ( बारीक काट लें )

विधि - How to make Nariyal Ki Barfi

नारियल का अपने फूड प्रोसेसर में या कद्दूकस से बारीक चूरा बना लें या तैयार नारियल बुरादा बाजार से ले लीजिये.

मावा को अच्छी तरह भून लीजिये ( मावा को गुलाबी रंग आने तक भूनें, बर्फी ज्यादा स्वादिष्ट बनेगी और ज्यादा दिन तक चलेगी ).

अगर आप दाने दार चीनी ले रहे हैं तब आप चीनी की चाशनी बना लीजिये. चाशनी के लिये कढ़ाई मे 100 ग्राम (आधा कप) पानी और चीनी मिलाकर चाशनी बनने के लिये गैस पर रखें. चमचे से चला कर मिला दें और 3 तार की चाशनी बना लें.( चाशनी : चीनी पानी में घुल जाय और उबाल आ जाय. 5 -6 मिनिट तक चाशनी को बीच बीच में चला कर पका लीजिये. चमचे से लेकर 1 - 2 बूंदें प्लेट में डालें और ठंडा होने पर अपनी उंगली और अंगूठे के बीच रख कर चिपकायें तो आप देखेंगे कि 2-3 तार बन गाते हैं, इसका मतलब है कि चाशनी बन चुकी है. यदि एसा नहीं है तो चाशनी को और पकायें और यही टैस्ट करें ). गैस बन्द कर दीजिये

चाशनी में नारियल का चूरा डाल कर अच्छी तरह मिला दीजिये, अब ठंडा किया हुआ मावा और इलाइची पाउडर डालिये और अच्छी तरह मिला दीजिये.

एक थाली में थोड़ा सा घी लगा कर चिकना कीजिये. मिश्रण को थाली डाल कर चारों ओर एक सा फैला दीजिये और उसके ऊपर कटे हुये पिस्ते डाल कर कलछी से दबा दें. बर्फी को ठंडा होने के लिये रख दीजिये.

1-2घंटे बाद आप देखेंगे कि यह मिश्रण जम गया है और अब आप इस जमे हुये मिश्रण को चाकू से चौकोर टुकड़ों के आकार में काट लीजिये, नारियल की बर्फी (Nariyal Ki Burfi) तैयार है.

नारियल की बर्फी अब आप खा सकते हैं, बची हुई बर्फी को आप डिब्बे में रख कर फ्रिज में रख लीजिये और 12 दिन तक रोजाना खाइये.



हलवा

 कठोर हलवा को हल्का भुनने से सॉफ्ट होने लगता है, और 500 लोगों को हलवा खिलाने के लिए कम से कम 100 kg सूजी , 50 केजी चीनी, 200 ग्राम इलायची , 200 ग्राम तेजपात पत्र, 5 केजी गड़ी छुहारा, 10 केजी किसमिस , 5 केजी बादाम, पिस्ता, आदि, दुध 200 केजी और पानी 10 केजी चाहिए ।

झटपट कलाकंद

झटपट कलाकन्द

पारम्परिक तरीके से कलाकन्द बनाने में और समय भी अधिक लगता है. 2 बर्तन में अलग अलग बराबर -2 दूध लेकर गरम करते हैं, एक दूध का खोया बनाया जाता है और दूसरे दूध को फाड़ कर पनीर बनाया जाता है और इन्हैं मिलाकर कलाकन्द बनाया जाता है, लेकिन तुरत फुरत कलाकन्द ( Instant Kalakand Sweets) के लिये डेयरी से तैयार मावा और पनीर लेकर और दोंनों को भूनकर पाउडर चीनी मिला कर बहुत ही जल्दी कलाकन्द बनाया जा सकता है.

आवश्यक सामग्री: - Ingredients for Instant Kalakand Sweets

मावा (खोया) - 250 ग्राम ( लगभग 1 कप )
पनीर - 250 ग्राम ( लगभग 1 कप)
घी - 2 छोटे चम्मच
पाउडर चीनी - 200 ग्राम (1 कप )
छोटी इलाइची - 5-6 छीलकर पाउडर बना लीजिये
बादाम - 10-12 पतले पतले लम्बे काट लीजिये

विधि: - How to make Instant Kalakand Sweets

भारी तले की कढ़ाई में 1 छोटी चम्मच घी डालकर गरम कीजिये, घी मेल्ट होने पर घी को कढ़ाई में चारों ओर लगा दीजिये, इससे मावा भूनते समय कढ़ाई में नहीं चिपकेगा. मावा को क्रम्बल करके गरम कढ़ाई में डालिये, और लगातार चलाते हुये धीमी आग पर मावा को पूरी तरह मेल्ट होने और अच्छी सुगन्ध आने तक भून लीजिये.

अब पनीर को क्रम्बल करके मावा के ऊपर ही डाल दीजिये और लगातार चलाते हुये, मावा और पनीर के अच्छी तरह मिलने. और ड्राई होने तक भून लीजिये, यानि कि लगभग 6-8 मिनिट भून लीजिये. भूनने के बाद कढ़ाई को नीचे उतार कर रख लीजिये, और मिश्रण को ठंडा होने दीजिये.

मिश्रण के ठंडा होने के बाद, मिश्रण छूने में इतना ठंडा लगे कि बस इतना महसूस हो कि मिश्रण को हमने भूना है, अब इसमें पाउडर चीनी और इलाइची पाउडर डालिये और चलाते हुये अच्छी तरह मिक्स कर दीजिये.

किसी भी प्लेट या ट्रे को थोड़ा सा घी लगाकर चिकना कीजिये, चिकनी की हुई प्लेट में मिश्रण डालिये और एक जैसा फैला दीजिये, ऊपर से कतरे हुये बादाम डालकर चम्मच से दबा दीजिये. कलाकन्द को जमने के लिये फ्रिज में रख दीजिये, 2-3 घंटे में कलाकन्द जमकर तैयार हो जाता है.

कलाकन्द (Instant Kalakand Sweets) जमने पर अपने मनपसन्द आकार के टुकड़ों में काट लीजिये, बहुत ही अच्छा कलाकन्द बन कर तैयार है, परोसिये और खाइये, बचा हुआ कलाकन्द किसी एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये और 3-4 दिन में खतम कर दीजिये.

सुझाव:

कलाकन्द बनाते समय थोड़ा सा ध्यान रखिये, मावा और पनीर का मिश्रण जो भूनकर तैयार किया है, उसे ठंडा होने दीजिये, अगर गरम मिश्रण में चीनी पाउडर मिला दिया जाय, तो चीनी के मेल्ट होने के कारण मिश्रण पतला हो जायेगा और कलाकन्द जमना मुश्किल हो जायेगा. अगर मिश्रण पतला हो गया है तो उसमें आधा कप मिल्क पाउडर डालकर मिला दीजिये और कलाकन्द को दूसरी प्लेट में जमा दीजिये, अच्छा कलाकन्द जम कर तैयार हो जायेगा.

यदि मिश्रण बहुत ज्यादा ठंडा हो जाय और उसके बाद चीनी पाउडर मिलाया जाय तो मिश्रण बिखर सकता है, और कलाकन्द जमना मुशिकल होगा. अगर मिश्रण बिखर रहा है तो उसको हल्की गरम कढ़ाई में डालकर, चलाते हुये अच्छी तरह मिक्स कर दीजिये, मिश्रण हल्का गीला हो जायेगा और मिश्रण को चिकनी की हुई प्लेट में जमा दीजिये, कलाकन्द अच्छा जम कर तैयार हो जायेगा.


सनातन

फव्वारे, मकबरे और बिरियानी की हकीकत!! "ऊंट को काटकर उसमें गाय भरो, गाय में बकरा भरो, बकरे में मुर्गा भरो और मुर्गे में अंडे भरो! फिर इस...