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चिकू का हलवा, भारतीय खान पान

चीकू का हलवा

चीकू का लाजबाव स्वाद तो सभी को पसन्द आता है, चीकू मिल्क शेक और चीकू की आइसक्रीम तो आपने बनायी होगी लेकिन चीकू के हलवा का कुरकुरा स्वाद आपको बेहद पसन्द आयेगा. . तो आइये बनाना शुरू करते हैं चीकू का हलवा (Cheekoo Halwa ) .

चीकू का हलवा (Chikoo Halwa ) बनाने के लिये अच्छे पके हुये चीकू बाजार से ले आइये, कच्चे चीकू का हलवा स्वाद में अच्छा नहीं बनेगा.

आवश्यक सामग्री Ingredients for Chikoo Halwa Recipe

चीकू (Sapota) - 1 किग्रा. (12-14)
मावा - 200 ग्राम ( एक कप)
घी - 2 टेबल स्पून
चीनी - 150 ग्राम (3\4 कप)
काजू - 10 (छोटा छोटा काट लीजिये)
इलाइची - 4-5 (छील कर पीस लीजिये)
बादाम - 8 (बारीक कतर लीजिये)

विधि - How To Make Chikoo Halwa - How To Prepare Chickoo Halwa

चीकू को धोइये और छील लीजिये, बीज निकाल कर टुकड़े कर लीजिये. इन टुकड़ों को मिक्सर से बारीक पीस कर पेस्ट बना लीजिये.

भारी तले की नान स्टिक कढ़ाई लीजिये, एक टेबल स्पून घी डाल कर मावा को हल्का गुलाबी होने तक भून कर एक प्याले में निकाल कर रख लीजिये.

बचा हुआ 1 टेबल स्पून घी कढ़ाई में डालिये और चीकु पेस्ट डालकर गाड़ा पेस्ट होने तक भून लीजिये, इस पेस्ट में चीनी मिलाइये और चीनी के दाने घुलने तक चमचे से चलाकर भूनिये, अब मावा और काजू मिलाइये और चमचे से चलाते हुये गाड़ा होने तक पकाइये, ध्यान रहे कि हलवा तले से न लगे, गैस फ्लेम बन्द कर दीजिये.

चीकू का हलवा तैयार हो गया है आप इसे प्याले में निकालिये और कतरे गये बादाम ऊपर से डाल कर सजाइये.

ये चीकु का हलवा आप अपने डिनर या लन्च के बाद खाइये और परोसिये, ये हलवा आप फिर्ज में रखकर 4-5 तक खा सकते हैं.

बनाने में लगा समय - 50 मिनिट


at May 22, 2021 No comments:
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सिंधी समाज का स्पेशल हलवा

बोम्बे - कराची हलवा

कराची हलवा या बोम्बे हलवा (Bombay Karachi Halwa) का बाकी सभी हलवा से अलग एकदम खास सिन्धी हलवा है. हलवा दबाने में रबर जैसा लगता है इसलिये इसे रबर हलवा भी कहते है. दिखने में चमकीला, देशी घी और सूखे मेवे से भरपूर बोम्बे कराची हलवा का स्वाद आपको अवश्य पसंद आयेगा. कराची हलवा को बस धैर्य के साथ बनायें तो इसे बनाना बिलकुल आसान है.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Bombay karachi Halwa

कार्न फ्लोर - 1 कप (100 ग्राम)
चीनी - 2 कप ( 450 ग्राम)
घी - 1/2 घी (125 ग्राम)
काजू - आधा कप (छोटे छोटे कटे हुये)
पिस्ते - 1 टेबल स्पून (बारीक पतले कटे हुये)
टाटरी (टार्टरिक एसिड)- 1 /4 छोटी चम्मच पाउडर (2 मटर के दाने के बराबर)
छोटी इलाइची - 4-5 (छील कर पाउडर कर लीजिये)

विधि - How to make Bombay karachi Halwa

हलवा बनाने में 2 कप पानी यानी कि 400 ग्राम पानी प्रयोग करना है. सबसे पहले कार्न फ्लोर को थोड़ा पानी डालकर गुठलियां खतम होने तक घोल लीजिये, घोल में पानी की कुल मात्रा 1 1/4 कप डाल कर मिला दीजिये. चीनी को पैन में डालिये और 3/4 कप पानी, चीनी में डाल दीजिये. चीनी अच्छी तरह घुलने तक चाशनी पका लीजिये.

चाशनी में कार्न फ्लोर का घोल मिलाइये, और धीमी गैस पर हलवे को कलछी से लगातार चलाते हुये पकाइये, 10-12 मिनिट में हलवा गाढ़ा होने लगता है, अभी भी हलवा को लगातार धीमी आग पर चलाते हुये पकाना है, हलवा पारदर्शक होने लगता है, अब हलवा को आधा घी डालकर, घी अच्छी तरह मिक्स होने तक पकाइये. टाटरी भी डाल कर मिला दीजिये. बचा हुआ घी भी चम्मच से थोड़ा थोड़ा करके डालिये और सारा घी हलवा में डालकर, घी के एब्जोर्ब होने तक हलवा को चलाते हुये पकाइये. हलवा में काफी चमक आ गई है, हलवे में कलर डालिये और अच्छी तरह मिक्स होने तक पका लीजिये, काजू और इलाइची पाउडर डालकर हलवे को अच्छी तरह पका लीजिये. हलवा को और 5-7 मिनिट या जब तक हलवा जमने वाली कनिसिसटेन्सी तक न आ जाय तब तक पका लीजिये.

कराची हलवा तैयार है, हलवे को किसी ट्रे या प्लेट में निकाल कर जमने रखिये, हलवा के ऊपर बारीक कटे हुये पिस्ते डालकर चम्मच से चिपका दीजिये. हलवा के जमने पर अपने मन पसन्द आकार के टुकड़ों में हलवा को काट कर तैयार कर लीजिये.

हलवा को आप अभी खाइये और बचा हुआ कराची हलवा एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये इस हलवे की शैल्फ लाइफ बहुत अधिक है. इसे फ्रिज में न रखकर फ्रिज से बाहर ही रखिये.

सुझाव

हलवा कम पका हुआ होने पर अधिक स्वादिष्ट नहीं लगता, हलवा में दबाने पर रबर का टच भी नहीं देता.

आप महसूस करते हैं कि हलवा कम पका है, तब हलवा को कढ़ाई में 1 चम्मच घी डालकर फिर से डालिये और कलछी से लगातार चलाते हुये, मैल्ट होने के बाद धीमी आग पर 5-6 मिनिट या जब तक आप महसूस करें कि हलवा अब पूरी तरह पक गया है, पका कर फिर से उसी ट्रे में वापस जमा दीजिये. हलवा सही हो जायेगा.

कराची हलवा को तेज आग पर मत पकाईये. हलवा को तेज आग पर ज्यादा पकाने से हलवा एकदम पत्थर जैसा सख्त भी हो सकता है.


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बाजरे के आटे का हलवा

बाजरा के आटे का हलवा

सर्दी के मौसम में आयरन, कैल्सियम, और फाइबर बाजरा हम परम्परागत रूप से खाते रहे हैं. कड़कड़ाती सर्दी परेशान करे तो गरमागर्म बाजरे का हलवा का आनन्द लीजिये

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Bajra halwa recipe

बाजरे का आटा - 1/2 कप (80 ग्राम)
चीनी - 1/2 कप (100 ग्राम)
घी - 1/3 कप (80 ग्राम)
काजू - 8-10
किशमिश - 20-25
नारियल - 1 टेबल स्पून (कटा हुआ)
इलायची - 4 - 5

विधि - How to make Bajra Halwa

पैन में घी डाल कर गरम कीजिये. घी के हल्का गरम होने पर बाजरे का आटा डाल दीजिए. धीमी और मध्यम आंच पर आटे को लगातार चलाते हुये, हल्का ब्राउन, कलर डार्क होने और अच्छी महक आने तक भून लीजिये.

अब इसमें 1¼ कप पानी डाल दीजिए और चीनी डाल कर अच्छी तरह से मिला दीजिए और मध्यम आग पर पकने दीजिए और तब तक पकाएं जब तक कि हलवा गाढ़ा न हो जाए.

काजू को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लीजिए, इलायची छिलकर कूट कर पाउडर बना लीजिए.

हलवे के गाढा़ होने पर इसमें काजू, किशमिश, कटा हुआ नारियल और इलायची का पाउडर डालकर सभी चीजों को अच्छे से मिला दीजिए और 2 मिनिट के लिए और पका लीजिए. बाजरे के आटे का स्वादिष्ट हलवा बनकर तैयार है, हलवा को प्याले में निकाल लीजिए.

ऊपर से थोडा़ सा घी और कटे हुये काजू डालकर सजाइये और परोसिये. बाजरे के आटे के हलवे को फ्रिज में रखकर के 3-4 दिनों तक आराम से खाया जा सकता है.

सुझाव:

हलवा में चीनी अपनी पसन्द के अनुसार कम या ज्यादा की जा सकती है.

हलवा में अपने पसन्द के ड्राई फ्रूट जो आपको ज्यादा पसन्द हो वह ज्यादा डाल दीजिये और जो आप नहीं पसन्द करते उन्हैं हटा दीजिये.

4 सदस्यों के लिये
समय - 30 मिनिट


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good morning, breakfast , सूजी का हलवा

माइक्रोवेव में सूजी का हलवा

सूजी का हलवा बनाना इतना आसान ओर तुरत फुरत बन जाता है कि जब भी कुछ मीठा खाने का मन हो इसे बना लीजिये. माइक्रोवेव में यही सूजी का हलवा और भी अधिक आसानी से बन जाता है.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Sooji Sheera

सूजी - 1/2 कप
पिस्ते - 5-6 (पतले पतले बारीक काट लीजिये)
छोटी इलाइची - 4 (छील कर पाउडर बना लीजिये)
चीनी - आधा कप से थोड़ी सी ज्यादा
घी - 1/4 कप
बादाम - 6-7 ( छोटे छोटे काट लीजिये)
किशमिश - 1 टेबल स्पून (डंठल हटा दीजिये )
दूध - 1 1/4 कप

विधि How to make Semolina Halwa in Microwave

माइक्रोवेव में सूजी का हलवा बनाने के लिये, माइक्रोवेव सेफ प्याले में सूजी डालिये और आधा घी डालकर सूजी में मिक्स कर दीजिये.

सूजी को माइक्रोवेव में 4 मिनिट तक भून लीजिये, सूजी को पहले माइक्रोवेव में हाई पावर पर 2 मिनिट तक भूनिये, अब सूजी को अच्छी तरह चमचे से चलाइये और 1 मिनिट भूनिये और चलाइये और फिर से 1 मिनिट भूनिये, सूजी भुन कर तैयार हो जायेगी.

सूजी में दूध डालकर मिला दीजिये, चीनी भी डालकर मिक्स कर दीजिये और हलवा को 4 मिनिट के लिये माइक्रोवेव कीजिये, हाई पावर पर पहले 2 मिनिट माइक्रोवेव कीजिये, हलवा को चमचे से चला दीजिये, अब 1 मिनिट हलवा को माइक्रोवेव कीजिये और चला दीजिये, और 1 मिनिट हाई पावर पर ही माइक्रोवेव कीजिये और चलाइये.

इसके बाद हलवा में 2 चम्मच घी बचाकर सारा घी डाल दीजिये, मेवे बादाम, किशमिश और इलाइची पाउडर भी डालकर मिक्स कर दीजिये.

हलवा को ढककर मीडियम पावर पर 2 मिनिट माइक्रोवेव कीजिये. हलवा को माइक्रोवेव से निकालिये और 2 मिनिट तक ढककर स्टेन्डिग टाइम दीजिये, हलवा अभी भी पक रहा है. प्याले को खोलिये, हलवा तैयार है, सूजी के हलवा को प्लेट या प्याले में निकालिये हलवा के ऊपर पिघला हुआ घी डालिये और पिस्ते डालकर गार्निस कीजिये.

माइक्रोवेव में बना हुआ स्वादिष्ट सूजी का हलवा तैयार है. गरमा गरम सूजी का हलवा परोसिये और खाइये.


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ममक्के के आटे का हलवा

मक्के के आटे का हलवा

मक्के के आटे सिर्फ रोटियां ही नहीं बनतीं बल्कि इससे महेरी, लापसी, और अनेकों तरह के परम्परागत खानपान बनाये जाते हैं. आज मक्के के आटे का राजस्थानी हलवा बना कर देखिये, सभी को बहुत पसंद आयेगा.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Makki Atte Ka Halwa

मक्का का आटा - 1/2 कप (80 ग्राम)
घी - 1/3 कप (70 ग्राम)
चीनी - 1/2 कप ( 120 ग्राम)
काजू - 10-12
बादाम -10-12
छोटी इलायची - 4 -5
सूखा नारियल - 2 टेबल स्पून बारीक कटा हुआ
किशमिश - 1 टेबल स्पून, डंठल हटा दीजिये.

विधि - How to make Cornmeal Halwa Recipe

पैन में घी डाल कर गरम कीजिये. घी के हल्का गरम होने पर मक्के का आटा डाल दीजिए. धीमी और मध्यम आंच पर आटे को लगातार चलाते हुये, हल्का ब्राउन होने और अच्छी महक आने तक भून लीजिये.

अब इसमें 1½ डेढ़ कप पानी डाल दीजिए और चीनी डाल कर अच्छी तरह से मिला दीजिए और मध्यम आग पर पकने दीजिए और तब तक पकाएं जब तक कि हलवा गाढ़ा न हो जाए.

काजू और बादाम को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लीजिए, इलायची छिलकर कूट कर पाउडर बना लीजिए.

हलवे के गाढा़ होने पर इसमें नारियल, बादाम, काजू, किशमिश और इलायची का पाउडर डालकर सभी चीजों को अच्छे से मिला दीजिए. थोड़े से कटे काजू बादाम बचा कर रखें उन्हैं बाद में हलवे के ऊपर डालिये.

मक्के के आटे का स्वादिष्ट हलवा बनकर के तैयार है, इसे प्याले में निकाल लीजिए. ऊपर से थोडा़ सा घी और कटे हुये काजू, बादाम डालकर, सजाइये, परोसिये और खाइये.

सुझाव:

चीनी और घी अपनी पसन्द के अनुसार कम या ज्यादा किये जा सकते हैं.

ड्राई फ्रूट पसन्द के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं, या जो ड्राई फ्रूट आपको पसन्द न हों वह हटा सकते हैं और जो ड्राई फ्रूट अधिक पसन्द हो उन्है ज्यादा डाला जा सकता है.

3-4 सदस्यों के लिये
समय -30 मिनिट


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शाही टुकड़ा, भारतीय खान पान

शाही टुकड़ा

शाही टुकड़ा या डबल का मीठा खाने में बहुत ही स्वादिष्ट मिठाई है. इसे बनाना बहुत ही आसान है, शाही टुकड़ा को किसी भी त्योहार पर बनाया जा सकता है या जब भी आपका कुछ अच्छा मीठा खाने का मन हो आप इसे बना कर खा सकते हैं.

आवश्यक सामग्री -Ingredients for Shahi Tukda

ब्रेड - 4
चीनी - 1 कप (200 ग्राम) चाशनी के लिये
दूध - 500 मिली.
चीनी - 1 टेबल स्पून रबड़ी में डालने के लिये
केसर - 20-25 धागे
छोटी इलाइची - 4 छील कर कूट लीजिये
चिरोंजी - 1 टेबल स्पून
बादाम - 4 पतले पतले काट लीजिये
पिस्ते - 8-10 पतले पतले काट लीजिये
देशी घी - 1/2 कप (100 ग्राम)

विधि -How to make Shahi Tukda Recipe

चाशनी बना लीजिये:

सबसे पहले चीनी को किसी बर्तन में डालकर, आधा कप पानी डालकर मिलाइये और चाशनी बनने के लिये गैस पर पकने दीजिये, चाशनी में उबाल आने और चीनी घुलने के बाद, 2 मिनिट पकाने के बाद चाशनी को चैक कीजिये, चाशनी की 1-2 बूंद किसी बर्तन में गिराइये और ठंडी होने पर उंगूठे और उंगली के बीच चिपका कर देखिये, चाशनी चिपकनी चाहिये और छोटा सा 1 तार निकलना चाहिये, यानि कि 1 तार की चाशनी बना कर तैयार कर लीजिये.

रबड़ी बनाइये:

दूसरे किसी भारी तले के पैन में दूध डालकर गरम होने रख दीजिये, मीडियम गैस पर दूध को गरम होने दीजिये, दूध के ऊपर जैसे ही मलाई की परत आ जाय उसे किनारे से जमाते जाइये. सारे दूध का 1/4 भाग तले में रह जाय, गैस बन्द कर दीजिये और किनारे से जमी मलाई को उसमें मिला कर, उसमें चीनी और इलाइची पाउडर डालकर मिला कर, रबड़ी तैयार कर लीजिये.

शाही टुकड़े के लिये ब्रेड को 2 भागों में काट लीजिये, ये टुकड़े तिकोने या आयताकार जैसे आप चाहें उस तरह के काट लीजिये. घी को गरम कीजिये, मीडियम गर्म घी में ब्रेड के 2-3 टुकड़े डालिये और गोल्डन ब्राउन होने तक तल कर निकाल लीजिये. सारे ब्रेड के टुकड़े तल कर निकाल लीजिये.

ब्रेड का एक एक टुकड़ा उठाकर चाशनी में डुबाइये, 10-15 सेकिन्ड डूबाने के बाद उसे निकाल कर प्लेट में लगा कर रखिये, सारे टुकड़े चाशनी में डुबाकर निकाल लीजिये.

ब्रेड के चाशनी में डूबे टुकड़ों को प्लेट में एक एक करके लगा लीजिये, 1-2 चम्मच रबड़ी 1 ब्रेड के टुकड़े पर पतला फैलाते हुये लगाइये. ऊपर से कटे हुये मेवे, चिरोंजी , केसर के धागे डालकर सजाइये. बहुत अच्छे शाही टुकड़ा तैयार है, परोसिये और खाइये. शाही टुकड़े को फ्रिज में रखकर 2 दिन तक खाया जा सकता है.

सुझाव:

चाशनी पतली रहेगी तो ब्रेड चाशनी में डुबाने के बाद क्रिस्प नहीं रहेंगी. चाशनी गाढ़ी होने पर चाशनी ब्रेड के ऊपर जम जाती है.

रबड़ी को बहुत पतला या बहुता गाढ़ा नहीं बनायें.


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क्षत्रिय यदुवंशी





यदुवंश

भारत में समुदाय

यदुवंश अथवा यदुवंशी क्षत्रिय शब्द भारत के उस जन-समुदाय के लिए प्रयुक्त होता है जो स्वयं को प्राचीन राजा यदु का वंशज बताते हैं। यदुवंशी क्षत्रिय मूलतः अहीर थे।[1] भारतीय मानव वैज्ञानिक कुमार सुरेश सिंह के अनुसार माधुरीपुत्र, ईश्वरसेन व शिवदत्त नामक कई विख्यात अहीर राजा कालांतर में राजपूतों मे सम्मिलित होकर यदुवंशी राजपूत कहलाए।[2] तिजारा के खानजादा मुस्लिम भी अपनी उत्पत्ति यदुवंशी राजपूतों से बताते हैं।[3] मैसूर साम्राज्य के हिन्दू राजवंश को भी यादव कुल का वंशज बताया गया है।[4][5] चूड़ासमा राजपूतों को भी विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों मे मूल रूप से सिंध प्रांत का आभीर,[6][7][8] या सिंध का यादव माना गया है, जो कि 9वीं शताब्दी में गुजरात में आए थे।[9]

जाहल, सोनल बाई के साथ देवत बोदार नामक अहीर सामंत का चूड़ासम राजकुमार नवघन की रक्षा हेतु स्वयं के पुत्र का वध करते हुये का ऐतिहासिक चित्र [10]

यदुवंश पौराणिक कथा

यदु ऋग्वेद में वर्णित पाँच भारतीय आर्य जनों (पंचजन, पंचक्षत्रिय या पंचमानुष) में से एक है।[11]

हिन्दू महाकाव्य महाभारत, हरिवंश व पुराण में यदु को राजा ययाति व रानी देवयानी का पुत्र बताया गया है। राजकुमार यदु एक स्वाभिमानी व सुसंस्थापित शासक थे। विष्णु पुराण, भगवत पुराण व गरुण पुराण के अनुसार यदु के चार पुत्र थे, जबकि बाकी के पुराणो के अनुसार उनके पाँच पुत्र थे।[12] बुध व ययाति के मध्य के सभी राजाओं को सोमवंशी या चंद्रवंशी कहा गया है। महाभारत व विष्णु पुराण के अनुसार यदु ने पिता ययाति को अपनी युवावस्था प्रदान करना स्वीकार नहीं किया था जिसके कारण ययाति ने यदु के किसी भी वंशज को अपने वंश व साम्राज्य मे शामिल न हो पाने का श्राप दिया था।[13] इस कारण से यदु के वंशज सोमवंश से प्रथक हो गए व मात्र राजा पुरू के वंशज ही कालांतर में सोमवंशी कहे गए। इसके बाद महाराज यदु ने यह घोषणा की कि उनके वंशज भविष्य में यादव या यदुवंशी कहलएंगे। यदु के वंशजों ने अभूतपूर्व उन्नति की परंतु बाद मे वे दो भागों मे विभाजित हो गए।

उत्पत्ति

यदुवंशी अहीर कृष्ण के प्राचीन यादव जनजाति के वंशज माने जाते हैं। यदुवंशियो की उत्पत्ति पौराणिक राजा यदु से मानी जाती है।

वे टॉड की 36 राजवंशो की सूची में भी शामिल हैं। [16]

विभिन्न हिंदू धर्मग्रंथों और पुराने लेखों से संकेत मिलता है कि भारत में उनकी मौजूदगी 6000 ई.पू. से भी पहले प्राचीन काल से है।

वंशज जातियाँ

राजा सहस्रजीत के वंश को हैहय वंश कहा गया व उनके पौत्र का नाम भी हैहय था। राजा क्रोष्टा के वंशजों को कोई विशेष नाम नही दिया गया वे समान्यतः यादव कहलाए।,पी॰ एल॰ भार्गव के अनुसार जब राज्य का विभाजन हुआ तो सिंधु नदी के पश्चिम का राज्य सहस्रजीत को मिला व पूर्व का भाग क्रोष्टा को दिया गया।

आधुनिक भारत की अनेक जातियाँ जैसे कि यादव, पंजाबी सैनी, आयर, जडेजा, भाटी राजपूत,जादौन, तथा अहीर इत्यादि स्वयं को यदु वंशज मानते हैं।

कुछ विद्वान चूड़ासमा, जाडेजा व देवगिरि के यादवो को आभीर ही मानते हैं।[29]

राजपूत, पांचवीं और छठी शताब्दीमें पहली बार चित्र में आये थे। इसलिए यह किसी की कल्पना और समझ से परे है कि कैसे करौली के यादव (अलवर जिले में), रतलाम (मध्य प्रदेश में) और बीकानेर के भाटी (राजस्थान) खुद को राजपूत जाति के साथ कैसे जोड़ते हैं। हालाँकि, यह संभव है कि विदेशी "मनगढ़ंत खानाबदोशों" द्वारा आक्रमण के दौरान और उनके द्वारा प्राप्त की गई लगातार जीत के चलते, छोटे यादव राज्योंने अन्य रियासतों के साथ गठन करते समय, अपनी पहचान विलय कर दी हो।



  • आभीर

    प्राचीन भारतीय महाकाव्यों और शास्त्रों में वर्णित लोग

  • देवगिरि के यादव

  • ग्वालवंशी

    हिन्दू जाति


at May 19, 2021 No comments:
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यदुवंशी महाराज परीक्षित जी के बाद कि वंशावलि

कलियुग वंशावली पुराणों पर आधारित विभिन्न राजाओं की वंशावली है। यहां यह वंशावली मौर्य वंश तक की दी जायेगी। यह भारत के इतिहास को प्राचीन वंशावली, जो द्वापर के अन्त तक ही सीमित थी, से आगे महाभारत के युग के पश्चात के काल में ले आती है।

कुरु वंश - महाभारत पर्यान्त वंशावलीसंपादित करें

  • परीक्षित २ |हर्णदेव | रामदेव | व्यासदेव * द्रौनदेव
    • सिंहदेव | गोपालदेव | विजयनन्द | सुखदेव | रामन्देव
    • सन्धिमन् | मरहन्देव | चन्द्रदेव | आनन्ददेव | द्रुपददेव
    • हर्नामदेव | सुल्कन्देव |
  • जनमेजय ३ | शतानीक १ | अश्वमेधदत्त
  • अधिसीमकृष्ण | निचक्षु | उष्ण | चित्ररथ | शुचिद्रथ
  • वृष्णिमत् | सुषेण | सुनीथ | रुच | नृचक्षुस्
  • सुखीबल | परिप्लव | सुनय | मेधाविन् | नृपञ्जय | ध्रुव, मधु|तिग्म्ज्योती
  • बृहद्रथ | वसुदान |शत्निक (बुद्ध कालीन )|
  • उदयन | अहेनर | निरमित्र (खान्दपनी ) |क्षेमक

ब्रहाद्रथ वंशसंपादित करें

यह वंश मगध में स्थापित था।

  • सोमाधि | श्रुतश्रव | अयुतायु | निरमित्र | सुकृत्त
  • बृहत्कर्मन् | सेनाजित् | विभु | शुचि
  • क्षेम | सुव्रत | निवृति | महासेन
  • सुमति | अचल | सुनेत्र | सत्यजित् | वीरजित् | अरिञ्जय

मगध वंशसंपादित करें

  • क्षेमधर्म ६३९-६०३
  • क्षेमजित् ६०३-५७९
  • बिम्बसार ५७९-५५१
  • अजात्शत्रु ५५१-५२४
  • दर्शक ५२४-५००
  • उदायि ५००-४६७
  • शिशुनाग ४६७-४४४
  • काकवर्ण ४४४-४२४ ईपू

नन्द वंशसंपादित करें

  • उग्रसेन ४२४-४०४
  • पण्डुक ४०४-३९४
  • पण्डुगति ३९४-३८४
  • भूतपाल ३८४-३७२
  • राष्ट्रपाल ३७२-३६०
  • देवानन्द ३६०-३४८
  • यज्ञभङ्ग ३४८-३४२
  • मौर्यानन्द ३४२-३३६
  • महानन्द ३३६-३२४
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स्ट्राबेरी का हलवा

स्ट्राबेरी हलवा

जैम और हलवा दोनों का मिला जुला स्वाद लिये हुये सूजी में स्ट्राबेरी पल्प मिलाकर बनाया स्ट्राबेरी हलवा कभी भी झटपट बनाया जा सकता है और बच्चों को तो यह बहुत ही पसंद आता है.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Strawberry Halwa

स्ट्राबेरी - 100 ग्राम
सूजी - 100 ग्राम (1/2 कप)
चीनी - 100 ग्राम (1/2 कप)
घी - 100 ग्राम (1/2 कप)
काजू - 6-7
बादाम - 6-7
किशमिश - 1 छोटी चम्मच
पिस्ते - 10-12
इलायची - 4

विधि - How to make Strawberry Halwa ?

स्ट्रॉबेरी को अच्छी तरह धोकर इसके डंढ़ल हटा कर इसे छोटे-छोटे टुकडों में काट लीजिए और मिक्सर में डालकर इसकी प्यूरी बना लीजिए.

पैन गैस पर रखिये उसमें घी डाल दीजिये , थोड़ा सा घी बचा लीजिये, जिसे बाद में यूज करेंगे. घी मेल्ट होने के बाद उसमें सूजी डाल दीजिये और कलछी की सहायता से लगातार चलाते हुए धीमी और मिडियम आंच पर सूजी के गोल्डन ब्राउन होने तक भून लीजिए.

सूजी भूनने के बाद, इसमें 2 कप पानी, चीनी और स्ट्राबेरी की प्यूरी डाल दीजिये, धीमी और मीडियम गैस पर हलवे को तब तक पकने दीजिये, जब तक सूजी पानी में अच्छी तरह फूल नहीं जाती.

काजू को छोटे टुकड़े में काट लीजिये, बादाम और पिस्ते को लम्बे पतले टुकड़ों में काट लीजिए.

सूजी फूलने पर हलवे को थोड़ी थोड़ी देर में चलाते हुये उसे गाढ़ा होने तक पकाइये, अब हलवे में किशमिश, काजू, बादाम और पिस्ते डाल कर मिला दीजिये, इलायची पाउडर और 1 चम्मच घी डालकर मिक्स कीजिए.

स्ट्राबेरी का हलवा तैयार है, गैस बंद कर दीजिए और हलवे को प्याले में निकाल लीजिए. हलवे के ऊपर 1-2 चम्मच घी और बादाम पिस्ते डालकर सजा दीजिये. गरमा गरम स्ट्राबेरी हलवा परोसिये और खाइये.

4 सदस्यों के लिये
समय 40 मिनट


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तरबूज के छिलके का हलवा

तरबूज के छिलके का हलवा

गर्मी के मौसम में तरबूज खाईये, इसका रस पीजिये लेकिन इसके छिलके को यूहीं मत फैंक दीजिये. तरबूज के छिलके से सब्जी और मुरब्बा तो बना ही सकते हैं, तरबूज के छिलके का हलवा भी बहुत स्वादिष्ट बनता है.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Watermelon Rind Halwa

तरबूज के छिलके - 600 ग्राम
खोया - 200 ग्राम
चीनी - 200 ग्राम
छोटी इलायची - 5 - 6
काजू - 20-25
देसी घी - 2 टेबल स्पून

विधि - How to make Watermelon Rind Halwa

तरबूज के मोटे छिलके को छील लीजिये, डार्क ग्रीन सख्त छिलका छील कर हटा दीजिये, सारे छिलके छील लीजिये

तरबूज के छिलकों को कद्दूकस कर लीजिए. पैन को गैस पर रखें, इसमें 1 चम्मच घी डालकर मेल्ट कर लीजिए. अब इसमें कद्दूकस किए हुए तरबूज के छिलके डालकर ढककर के 5 मिनिट के लिए पका लीजिए.
काजू को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर तैयार कर लीजिए और इलायची को कूट कर पाउडर बना लीजिए.

छिलकों को चैक कीजिए और चला कर के फिर से 5 मिनिट ढककर के पकने दीजिए और फिर से चैक कीजिए छिलकों को नरम होने तक पकाना है. इन्हें पकने में लगभग 15 मिनिट का समय लग जाता है.

छिलकों को अच्छे से पक जाने पर और पानी समाप्त हो जाने पर इसमें चीनी डाल कर मिक्स कीजिए और धीमी आंच पर ढककर के पकने दीजिए और फिर चैक कीजिए.

चीनी के घुल जाने पर अब हलवे को खुले ही पकाएं ताकी सारा जूस समाप्त हो जाए.

मावा भूनें

एक दूसरे पैन को गैस पर रखें इसमें 1 चम्मच घी डाल दीजिए और घी पिघलने पर मावा डालें, मावा को मीडियम आग पर लगातार चलाते हुए भून लीजिए. मावा का हल्का कलर चेंज होने पर वह भून कर तैयार हो जाता है. गैस बंद कर दीजिए और मावा को थोडा़ सा ठंडा होने दीजिए.

हलवे का जूस सूख जाने पर इसमें भूना हुआ मावा, काजू और इलायची पाउडर डालकर अच्छे से मिक्स कर लीजिए. गैस धीमी ही रखें, हलवे में मावा के अच्छे से मिक्स हो जाने पर मावा बनकर तैयार है. इसे प्याले में निकाल लीजिए.

हलवे के ऊपर काजू डालकर इसकी गार्निश कीजिए स्वादिष्ट तरबूज के छिलकों का हलवा बनकर तैयार है. तरबूज के छिलके के हलवा को फ्रिज में रखकर 7 दिन तक खाया जा सकता है.


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