भारत का गौरवशाली इतिहास एकीकृत भारत:–औरंगजेब के बाद का भारत

अंग्रेज, पुर्तगाली और फ्रांसीसी काल में भारत :
अखंड भारत पर अंग्रेजों, पुर्तगालियों और फ्रांसीसियों ने पहले व्यापार के माध्यम से अपनी पैठ जमाई फिर यहां के कुछ क्षेत्रों को सैन्य बल और नीति के माध्यम से अपने पुरअधीन करने का अभियान चलाया। अंग्रेजों को भारत में व्यापार करने का अधिकार जहांगीर ने 1618 में दिया था। जहांगीर और अंग्रेजों ने मिलकर 1618 से लेकर 1750 तक भारत के अधिकांश हिन्दू रजवाड़ों को छल से अपने कब्जे में ले लिया था।
 
 
बंगाल उनसे उस समय तक अछूता था और उस समय बंगाल का नवाब था सिराजुद्दौला। बाद में 1757 उसे भी हरा दिया गया। इसके बाद कंपनी ने ब्रिटिश सेना की मदद से धीरे-धीरे अपने पैर फैलाना शुरू कर दिया और लगभग संपूर्ण भारत पर कंपनी का झंडा लहरा दिया। उत्तर और दक्षिण भारत के सभी मुस्लिम शासकों सहित सिख, मराठा, राजपूत और अन्य शासकों के शासन का अंत हुआ। अंग्रेजों ने अखंड भारत के अन्य क्षेत्र श्रीलंका, नेपाल, म्यांमार आदि पर भी अपना अधिकार कर लिया। बाद में काल और परिस्थिति के अनुसार अंग्रेज, पुर्तगाली और फ्रांसीसियों ने धीरे धीरे अखंड भारत के अन्य हिस्सों से अपना अधिकार हटाते गए और इस तरह अखंड भारत के टूकड़े टूकड़े होते गए। 
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