मसूड़ो के रोग

मसूढ़ों के रोग

परिचय-

    मसूढ़ों में किसी तरह का संक्रमण हो जाने से रोगी में दांतों का ढीलापन, मसूढ़ों से पीब निकलना और जिंजीवाइटिस जैसे लक्षण प्रकट हो जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति इस रोग से पीड़ित हो और वह अपने मसूढ़ों पर दबाव डालता है या ब्रुश करता है तो उसके मसूढ़ों से खून निकलने लगता है तथा उनमें तेज दर्द होने लगता है।

कारण-

        मसूढ़ों के रोग अधिकतर प्लाक जमने और मुंह की अच्छी तरह से सफाई न करने की वजह से होते हैं। जब दांतों पर पीली परत जम जाती है तो उसे प्लाक कहते हैं। यह प्लाक लार, बैक्टीरिया और भोजन के मिश्रण से बनता है और दांतों को ढक देता है। शुरू-शरू में यह प्लाक नर्म होता है तथा इसे उसी समय आसानी से छुड़ाया जा सकता है लेकिन दांतों के कुछ भाग ऐसे होते हैं जो सफाई के दौरान साफ नहीं हो पाते हैं जैसे- दांतों का निचला हिस्सा, दांतों के बीच का भाग और पिछले दांत आदि। यदि प्लाक समय रहते साफ नहीं होता है तो यह सख्त होकर टार्टर में बदल जाता है और दांत के निचले भाग को घेर लेता है। यह प्लाक बहुत से बैक्टीरिया के प्रजनन और प्रसार के लिए एक अच्छा स्थान साबित होता है। इन बैक्टीरिया के कारण ही जिंजीवाइटिस जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं। जब प्लाक की पलक मोटी हो जाती है तो यह दांतों को मजबूती देने वाले ऊतकों पर हमला बोलने लगते हैं। इसके कारण दांतों की हड्डी भी टूट जाती है तथा दांतों में बहुत तेज दर्द होता है। कुछ समय के बाद मसूढ़े सिकुड़ते जाते हैं और दांत ढीले हो जाते हैं।

लक्षण-

       मसूढ़ों के रोग हो जाने पर रोगी व्यक्ति के दांत में दर्द होने लगता है, दांतों के पास के मसूढ़ों से खून निकलने लगता है, मसूढ़े सूज जाते हैं और दांत हिलने लगते हैं। ब्रश से दांतों की सफाई करने पर दांतों में दर्द तथा दांतों से खून निकलने लगता है, मसूढ़ों में सूजन आ जाती है, दांत मसूढ़ों से ढीलें हो जाते हैं तथा मुंह से बदबू आने लगती है


 मसूढ़ों के रोग से पीड़ित रोगी के शरीर के प्रतिबिम्ब बिन्दुओं पर दबाव देने से मसूढ़ों के रोग तथा दांत दर्द में लाभ मिलता है। रोगी को यह क्रिया अपने शरीर पर 5 से 15 मिनट तक करनी चाहिए तथा इसके साथ-साथ उसे अपने दांतों की सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए।


मसूढ़ों के रोगों को जल्दी ठीक करने के कुछ उपाय-

  • रोगी को अपने दांतों की सफाई पर उचित ध्यान देना चाहिए।
  • रोगी को अपने दांतों पर जमे प्लाक को हटाने के लिए बेहतर ब्रशिंग (सफाई) का उपाय करना चाहिए।
  • दांतों को साफ करने के लिए नाइलॉन टूथब्रश का प्रयोग करना चाहिए। ब्रश का सिरा छोटा होना चाहिए ताकि उसे आसानी से मुंह में इधर-उधर घुमाया जा सके।
  • रोगी को अपने दांतों का पिछला हिस्सा अच्छी तरह से साफ करना चाहिए।
  • दांतों को साफ करने के बाद शीशे में देखे कि कहीं दांत पर जमे प्लाक बचे तो नहीं है। अगर प्लाक बचे हों तो उन्हे फिर से सही ढंग से साफ करना चाहिए  



No comments:

Post a Comment