श्री कृष्ण जन्माष्टमी विशेषांक, भगवान श्री कृष्ण जी महाराज की कुंडली

श्रीकृष्ण की जन्म कुंडली और बाल लीला का दृश्य 


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कलियुग के 7वें वैवस्वत और 28वें चतुर्युग के और श्री कृष्ण का जन्म कलियुग के 28वें चतुर्भुज के 5121वें वर्ष से 125 वर्ष पहले हुआ था, इस प्रकार 5246 वर्ष की गणना की गई और यह कुंडली आश्चर्यजनक रूप से दर्शाती है। कृष्ण के जन्म का विवरण भागवतपुराण, विष्णुपुराण, ब्रह्मवैवर्तपुराण, देवीभागवत, आदिपुराण और महाभारत में मिलता है। इन विवरणों से अनन्त कृष्ण के जन्म एवं देह त्याग के विवरण का पता लगाया जा सकता है।

🔺देवीपुराण के अनुसार अष्टमी रात्रि 

कृष्ण पक्ष और वृष लग्न, रोहिणी नक्षत्र में आदि देवी ने देवकी के गर्भ से परम पुरुष के रूप में जन्म लिया।

of Krishn paksh and in Vrish lagn, Rohini Nakshatra Adi devi was born from Devaki womb as Param Purush.

ततः समभवद्देवी देवक्याः परमः पुमान्।

अष्टम्यामधर्द्धरात्रे तु रोहिण्यामसिते वृषे।।
 (देवीभागवत 50.65) 

🔺In another text in BhavishyaPuran on the eighth tithi of Bhaadrapad month Krishna paksh when sun was in Simh(Leo) and moon was in Taurus(vrish) and Rohini was the Nakshatra Param Purush was born 

सिंहराशिगते सूर्ये गगने जलदाकुले।

मासि भाद्रपदेष्टम्यां कृष्णपक्षेऽर्धरात्रके।

वृषराशिस्थिते चन्द्रे नक्षत्रे

वृषराशिस्थिते चन्द्रे नक्षत्रे रोहिणीयुते।।

भविष्यपुराण (उत्तरपर्व, 55.14)

According to Hindu time 
dvapar Yuga was of 2400 Divya year and 8,64,000 Human year
And at present it is 
5321st year of 
2nd Parardh (परार्द्ध)of Brahma 
7th prardha 

महाभारत युद्ध को हुए 5455 सौ साल ही हुआ है 

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