एकीकृत भारत :–म्यांमार


म्यांमार :
म्यांमार कभी ब्रह्मदेश हुआ करता था। 
इसे बर्मा भी कहते हैं, 
जो कि ब्रह्मा का अपभ्रंश है।
 म्यांमार प्राचीनकाल से ही भारत का ही एक राज्य रहा है। 
अशोक के काल में म्यांमार बौद्ध धर्म और संस्कृति का पूर्वी केंद्र बन गया था।
 यहां के बहुसंख्यक बौद्ध मतावलंबी ही हैं।
 मुस्लिम काल में म्यांमार शेष भारत से कटा रहा और तब तक यहां की राजवंश ने यहां पर  अपनी स्वतंत्र राजसत्ताएं कायम कर ली,
 1886 ई. में पूरा देश ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य के अंतर्गत आ गया था
 किंतु ब्रिटिशों ने 1935 ई. के भारतीय शासन विधान के अंतर्गत म्यांमार को भारत से अलग कर दिया।
 
 
1935 व 1937 में ईसाई ताकतों को लगा कि उन्हें कभी भी भारत व एशिया से जाना पड़ सकता है।
 समुद्र में अपना नौसैनिक बेड़ा बैठाने, उसके समर्थक राज्य स्थापित करने तथा स्वतंत्रता संग्राम से उन भू-भागों व समाजों को अलग करने हेतु सन् 1935 में श्रीलंका और 
 सन् 1937 में म्यांमार को अलग राजनीतिक देश की मान्यता दे दी।

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