स्त्री का उदासीनता का रोग

स्त्री की उदासीनता

परिचय-

स्त्रियों में उदासीनता रोग दिमागी कारणों से होता है। इस रोग के कारण स्त्री को अपने जीवन में कमियां ही कमियां नज़र आने लगती है जिसके कारण वह उदासी से भर जाती है और उसके शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है। इस रोग के कारण स्त्री कभी भी प्रसन्न नहीं रहती है तथा उसके मानसिक और शारीरिक उत्साह में कमी आ जाती है। इस कारण ही इस रोग को स्त्रियों की उदासीनता या शिथिलता का रोग कहते हैं।

लक्षण-

इस रोग के कारण स्त्री के चेहरे की प्रसन्नता खो जाती है तथा वह नाखुश सी नजर आती है। उसका किसी भी काम को करने या किसी से बात करने का मन नहीं करता है। इस रोग के कारण स्त्री को घबराहट सी होने लगती है। इस रोग के कारण स्त्री को भूख नहीं लगती, चक्कर आने लगते है, बेचैनी होने लगती है तथा उसका शरीर कमजोर हो जाता है। इस रोग के कारण स्त्री को कई प्रकार के मानसिक रोग हो जाते हैं।

कारण-

स्त्रियों में उदासीनता रोग होने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं-

  • स्त्रियों में मानसिक कारणों के फलस्वरूप अधिवृक्क ग्रन्थि की कार्य प्रणाली गड़बडा जाती है जिसके कारण उनको उदासीनता का रोग हो जाता है।
  • भोजन में सब्जियों का कम और कार्बोहाइड्रेट का अधिक सेवन करने के कारण भी स्त्रियों को उदासीनता का रोग हो जाता है।
  • हृदय तथा फेफड़ों में दर्द होने के कारण उदासीनता का रोग हो सकता है।
  • माहवारी सम्बंधी कोई कष्ट या रोग हो जाने के कारण भी उदासीनता का रोग हो सकता है।
  • सैक्स से सम्बंधित किसी तरह की परेशानी के कारण भी स्त्रियों में यह रोग हो सकता है।
  • कई प्रकार की दवाईयों का सेवन करने के कारण भी स्त्रियों में इस प्रकार का रोग हो सकता है।
  • अधिक कमजोरी आ जाने के कारण भी स्त्रियों को उदासीनता की बीमारी हो जाती है।
  • मधुमेह रोग या जिगर में कमजोरी आ जाने के कारण भी उदासीनता का रोग हो सकता है।
  • शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाने के कारण भी उदासीनता का रोग हो सकता है।

एक्यूप्रेशर चिकित्सा के द्वारा स्त्री की उदासीनता (शिथिलता) का उपचार-

  स्त्रियों के शरीर पर दबाव देकर उदासीनता रोग का उपचार किया जा सकता है। स्त्रियों को अपना इलाज किसी अच्छे एक्यूप्रेशर चिकित्सक की देख-रेख में ही करना चाहिए क्योंकि एक्यूप्रेशर चिकित्सक को सही दबाव देने का अनुभव होता है।‘

No comments:

Post a Comment