साइनुसाइटिस
परिचय-
जब किसी व्यक्ति की नाक के अन्दर के ऊपरी भाग की हड्डी वाले खोल में अर्थात साइनस में पाई जाने वाले श्लेष्मा झिल्ली में संक्रमण तथा सूजन हो जाती है तो उसे साइनुसाइटिस रोग कहते हैं।लक्षण-
साइनुसाइटिस रोग के कारण रोगी की नाक के साइनस वाले भाग में बहुत तेज दर्द होता है। इस दर्द के कारण रोगी के गाल और माथे में भी दर्द होने लगता है। यदि किसी प्रकार से रोगी के एक से अधिक साइनसों में रोग हो जाए तो इसके कारण रोगी के दोनों गालों की हडि्डयों में दर्द होने लगता है। इस रोग के कारण रोगी को चेहरा भरा-भरा और काफी भारी सा हो जाता है तथा जब रोगी नीचे की ओर झुकता है तो उसे और भी तेज दर्द होता है। इस रोग से ग्रस्त रोगी का चेहरा काफी संवेदनशील हो जाता है लेकिन फिर भी इसमें सूजन नहीं होती है। कभी-कभी इस रोग के कारण रोगी की नाक भी बहने लगती है। नाक बहने पर रोगी की नाक से गाढ़ा पीले रंग का पदार्थ निकलने लगता है।
कारण-
नाक के साइनस में वायु के अलावा कुछ भी नहीं पाया जाता है। लेकिन फिर भी जब किसी व्यक्ति को तेज जुकाम होता है तो उसकी नाक के अन्दर श्लेष्मा का भारी जमाव हो जाता है जिसके कारण उसकी नाक बंद हो जाती है। इस अवस्था के कारण श्लेष्मा रोग ग्रस्त हो जाता है और रोगी को साइनुसाइटिस रोग हो जाता है।
जिन व्यक्तियों को अधिकतर जुकाम रहता है उन्हें इस रोग के हो जाने का ज्यादा खतरा होता है। कभी-कभी किसी व्यक्ति को किसी चीज से एलर्जी होती है जिसके फलस्वरूप रोगी को बहुत तेज जुकाम हो जाता हैं और इस जुकाम के कारण रोगी की नाक बंद हो जाती है और नाक बंद हो जाने के कारण रोगी के सिर में दर्द तथा कभी-कभी गालों में भी दर्द होने लगता है और रोगी को साइनुसाइटिस रोग हो जाता है। यह रोग सर्दी लगने के कारण भी हो सकता है।
रोगी को अपना इलाज किसी अच्छे एक्यूप्रेशर चिकित्सक की देख-रेख में कराना चाहिए क्योंकि एक्यूप्रेशर चिकित्सक को सही दबाव देने का अनुभव होता है और वह सही तरीके से साइनुसाइटिस रोग से पीड़ित रोगी का उपचार कर सकता है।
अगर कभी-कभी रोगी की नाक बंद हो जाए तो नाक के अन्दर श्लेष्मा के जमाव को रोकने वाला स्प्रे लगाने से लाभ होता है। कई बार यह रोग बहुत ही गम्भीर हो जाता है और बहुत से उपचार कराने के बावजूद भी ठीक नहीं होता है या ठीक भी हो जाता है तो कुछ समय के बाद फिर से उभरकर सामने आ जाता है। ऐसी अवस्था हो जाने पर रोगी को डॉक्टर से सलाह लेकर अपना उपचार कराना होगा
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