नीरज बाबू जय प्रकाश, बिहार के बारे में 1

बिहार के बारे में कुछ बताने की कोशिश कर रहा हूँ, बिहार में विस्व के अनेक धर्म, सामाजिक जीवन, लोकतंत्र, चुने हुए प्रतिनिधि, लोकतांत्रिक गणराज्य, राजतंत्र गणतंत्र, एकात्म शासन, संघीय ढांचे की पहली सुरुआत बिहार में ही हुई, भारत का विशाल राजतंत्र पटना के मगध साम्राज्य के सम्राट(राजाओ के भी राजा, जिनका सभी दिशाओ में समान रूप से शासन हो), था, यह था ईसाई धर्म के पहले से भी 345 ईशा पूर्व लगभग का शासन और इस राजतंत्र के महान शासक सम्राट अशोक थे, जिनका राज्य ईरान, इराक, येरुशलम ,चीन, तुर्क, मंगोल, श्री लंका के राजा तक टेक्स देते थे, का राज एक आदरपूर्वक लिया जाता हैं, इनके शासन को निरंकुश मान सकते हैं क्योंकि राजाज्ञा ही अंतिम कानून था, और ठीक इसके विपरीत गंगा के उस पार हाजीपुर, बैशाली राज जो कि एक गणराज्य था जहाँ के राजा का चुनाव जनता करती थी बिल्कुल आज कल के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में होता है, लेकिन ये चुने हुए प्रतिनिधि जनता के प्रति उत्तरदायित्व लेने को तैयार नहीं होते हैं, जबकि बैशाली गणराज्य के राजा की यह जिम्मेदारी होती थी कि जनता के प्रति उत्तरदायित्व और कर्तब्य का निर्वहन सही से हो, राजा अगर अपने कर्तव्य को लेकर जागरूक नहीं हैं, जनता के कल्याण के लिए कुछ भी नहीं करे,बहुत कुछ है बिहार में 
बिहार से ही लगभग 4-5 धर्म की उत्पत्ति हुई है, बौद्ध धर्म, जैन धर्म, सिख धर्म,

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